उत्तर प्रदेश के हाथरस की घटना को कवर करने के दौरान गिरफ्तार हुए केरल के पत्रकार सिद्दिकी कप्पन को उनकी मां से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात करने की इजाजत मिल गई है। सुप्रीम कोर्ट ने केरल यूनियन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्‍ट्स (KUWJ) की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह इजाजत दी है।

कप्पन के वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि उनकी मां की हालत बहुत खराब है। वो बेहोशी की हालत में अपने बेटे से बात करना चाहती है। कपिल सिब्बल ने कोर्ट से कहा कि कप्पन की मां अपने बेटे को देखना चाहती हैं। हमने इस संबंध में एक अर्जी लगाई है। कृपया कप्पन को उनकी मां से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत करने दी जाए।

सिब्बल ने कहा कि सरकार द्वारा सुनवाई स्थगित करने के अनुरोध किया गया है, जबकि याचिकाकर्ता की 90 वर्षीया मां अपने बेटे से मिलने को तड़प रही है। कपिल सिब्बल ने कहा कि जेल मैनुअल के तहत वीडियो कांफ्रेंसिंग का प्रावधान नहीं है। ऐसी स्थिति में उनके मुवक्किल की मां अपने बेटे से बात नहीं कर सकती।

उनकी इन दलीलों पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने न्यायालय को आश्वस्त किया कि सरकार जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग की व्यवस्था करेगी ताकि कप्पन और उसकी मां की आपस में बातचीत हो सके। इस पर बेंच ने भी कहा,‘‘ हम अनुमति देंगे।”

बता दें कि PFI से संबध रखने के आरोप में कप्पन को हाथरस कांड के बाद यहां जाते समय गिरफ्तार किया गया था। यूपी सरकार ने सिद्दीक की जमानत याचिका का यह कहते हुए विरोध किया था कि वह ‘पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया’ (पीएफआई) से ‘‘ताल्लुक” रखते हैं, जो सार्वजनिक शांति को भंग करने के लिए जिम्मेदार है।