नई दिल्ली: नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ देश भर हो रहे प्रदर्शनों के बीच अब सुप्रीम कोर्ट के वकील इस कानून के खिलाफ सड़कों पर उतर आए। बकायदा वकील इस कानून का खुलकर विरोध जता रहे है।

उल्लेखनीय है कि नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अब तक 60 से ज्यादा याचिका दाखिल की जा चुकी है। जिनमे इस कानून को देश के संवेधानिक ढांचे के खिलाफ करार देते हुए रद्द करने की मांग की गई है। प्रधान न्यायाधीश एस. ए. बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ इस पर सुनवाई कर रही।

इस संबंध में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) द्वारा सबसे पहले याचिका दायर की गई। हाल ही में केरल सरकार ने भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की। केरल पहला राज्य है, जिसने इस कानून को चुनौती दी है।

सुप्रीम कोर्ट से लेकर जंतर मंतर तक सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता दल का CAA,NRC के ख़िलाफ़ प्रदर्शन।

Zakir Ali Tyagi ಅವರಿಂದ ಈ ದಿನದಂದು ಪೋಸ್ಟ್ ಮಾಡಲಾಗಿದೆ ಮಂಗಳವಾರ, ಜನವರಿ 14, 2020

केरल सरकार ने याचिका में कानून को भेदभाव वाला और मौलिक अधिकारों का उल्लंघन बताया है। केरल सरकार ने इसके लिए सुप्रीम कोर्ट में संविधान के अनुच्छेद 131 के तहत सूट दाखिल किया है।

केरल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर नागरिकता संसोधन कानून को रद्द करने की मांग की। केरल सरकार ने कहा कि ये कानून अनुच्छेद 14,21 और 25 का उलंघन करता है। CAA के खिलाफ पहली बार किसी राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की।

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