रेलवे की बदहाली को लेकर देश की शीर्ष अदालत ने मोदी सरकार को लताड़ लगाई हैं. कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि आपके शासन काल से अच्छा काम अंग्रेजों ने किया था. कोर्ट ने सरकार को सुधार के लिए ठोस कदम उठाने का भी आदेश दिया.

रेलवे में आग से निपटने के सुरक्षा इंतजामों पर दाखिल एक जनहित याचिका (पीआईएल) की सुनवाई करते हुए जस्टिस एस. ए. बोवडे और जस्टिस एल. नागेश्वर राव की बेंच ने कहा कि रेलवे अंग्रेजी हुकूमत में आज से कहीं बेहतर था.

कोर्ट ने रेलवे की तरफ से पेश हुए सरकारी वकील से यह जानना चाहा कि दुनिया का तीसरा सबसे बड़े रेल नेटवर्क होने के बाबजूद आखिर क्यों यहां मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है.

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कोर्ट ने सवाल किया कि आपने क्वॉलिटी सर्विस देने के लिए कौन-कौन से कदम उठाए हैं. कोर्ट ने सरकारी वकील को चार हफ्ते के अंदर रेलवे कोच के इंटीरियर में किए गए बदलावों का ब्यौरा उपलब्ध कराने को कहा है.

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