कठुआ रेप केस में सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू- कश्मीर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन को कड़ी फटकार लगाई है. कोर्ट ने ये फटकर क्राइम ब्रांच को अदालत में चार्जशीट दाखिल करने से रोकने पर लगाई है.

मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ की पीठ ने सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि वकीलों के दल की ओर से अदालती कार्यवाही रोकना उचित नहीं.

हालांकि जम्मू हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के वकील ने दलील दी कि कठुआ मामले में वकीलों के प्रदर्शन को एसोसिएशन की ओर से कोई समर्थन नहीं किया गया था.  इस पर न्यायमूर्ति मिश्रा ने कहा कि घटना की पृष्ठभूमि में न जाते हुए इतना अवश्य कहा जा सकता है कि आरोप-पत्र दायर करने की प्रक्रिया में बाधा पहुंचायी गयी और यह सही तथ्य है.

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कोर्ट ने ये भी कहा कि आप को अदालती कार्यवाही चलने और निष्पक्ष सुनवाई की चिंता होनी चाहिए. लेकिन आप लोगों की वजह से पुलिस को घंटों इंतज़ार कर मजिस्ट्रेट के घर जाकर चार्जशीट पेश करनी पड़ी.

मुख्य न्यायाधीश ने बार के सदस्यों में अनुशासन की आवश्यकता जताते हुए बीसीआई को निर्देश दिया कि वह इस मामले में वकीलों के आचरण को लेकर तीन दिन के भीतर स्थिति रिपोर्ट पेश करे.

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