दिल्ली: गोरक्षकों द्वारा हिंसा के मामले में देश की सर्वोच्च अदालत ने सोमवार को बीजेपी शासित हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश की सरकारों के खिलाफ अवमानना का नोटिस जारी किया है. जिसमें कोर्ट ने इन सभी राज्यों की सरकारों से उनके खिलाफ कोर्ट की अवमानना का मामला न चलाए जाने का कारण पूछा है.

दरअसल राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के पौत्र तुषार गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में दायर अपनी याचिका में आरोप लगाया था कि कोर्ट के आदेश के बावजूद राज्य सरकारें गोरक्षकों पर लगाम लगाने में नाकाम रही हैं. उन्होंने कहा, पिछले साल 6 सितंबर को कोर्ट ने आदेश जारी कर कहा था कि गोरक्षा के नाम पर हिंसा की घटनाओं पर रोक लगनी चाहिए.

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गांधी ने अपनी याचिका में कहा, कोर्ट ने कहा था कि हर जिले में नोडल अफसर बनाएं जाएं. बावजूद इन तीन राज्यों में गोरक्षा के नाम पर हिंसा की वारदातें हो रही हैं. याचिका में ऐसी सात घटनाओं का जिक्र किया गया है. साथ ही उन्होंने इस दौरान जुनैद की हत्या के मामले में परिवार को तुरंत मुआवजा देने की मांग भी की.

बता दें कि राजस्थान में गोरक्षकों द्वारा पहलू खान की पीट-पीटकर हत्या किए जाने के मामले में सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल सितंबर में कहा था, ‘गोरक्षा के नाम पर हिंसा में संलिप्त लोगों को कानून के शिकंजे में लाने की जरूरत है.’ कोर्ट ने राज्य सरकारों को ऐसे मामलों के पीड़ितों को मुआवजा देने का निर्देश दिया था.

साथ ही गोरक्षा के नाम पर हिंसा करने वालों पर लगाम के लिए प्रत्येक जिले में नोडल ऑफिसर तैनात करने का आदेश दिया था. कोर्ट ने कहा था, हर जिले में वरिष्ठ पुलिस पुलिस अफसर नोडल अफसर बने, जो यह सुनिश्चित करे कि कोई भी विजिलेंटिज्म ग्रुप कानून को अपने हाथों में न ले. अगर कोई घटना होती है तो नोडल अफसर कानून के हिसाब से कार्रवाई करें.