Thursday, August 5, 2021

 

 

 

सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर सुप्रीम कोर्ट ने जारी किए दिशा-निर्देश

- Advertisement -
- Advertisement -

उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को टिप्पणी की कि प्रौद्योगिकी ने ‘खतरनाक’ मोड़ ले लिया है और देश में सोशल मीडिया के दुरूपयोग पर अंकुश लगाने के लिये निश्चित समय के भीतर दिशानिर्देश बनाने की आवश्यकता है.

न्यायालय ने सुनवाई के दौरान कहा कि व्यक्ति की निजता का संरक्षण करना सरकार की ही जिम्मेदारी है. कोई किसी को ट्रोल क्यों करे और झूठी जानकारी क्यों फैलाए. आखिर ऐसे लोगों की जानकारी जुटाने का हक क्यों नहीं है.

बता दें कि उच्चतम न्यायालय ने यह बातें सोशल मीडिया अकाउंट को आधार से लिंक करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान कही. इस मामले पर जस्टिस दीपक गुप्ता और जस्टिस अनिरुद्ध बोस की बेंच सुनवाई कर रही है.

48385345345 social media

सुनवाई के दौरान जस्टिस दीपक गुप्ता ने कहा कि इस मामले पर ना सुप्रीम कोर्ट और ना ही हाईकोर्ट फैसला दे सकता है. सरकार और आईटी डिपार्टमेंट इसे देखे और समस्या का हल तलाशे.

पीठ ने कहा कि शीर्ष अदालत या उच्च न्यायालय इस वैज्ञानिक मुद्दे पर निर्णय लेने में सक्षम नहीं है और इन मुद्दों से निबटने के लिये सरकार को ही उचित दिशानिर्देश बनाने होंगे. न्यायालय ने कहा कि सोशल मीडिया पर संदेश, सामग्री उपलब्ध करवाने वाले का पता लगाना एक गंभीर मुद्दा है और इसके लिए नीति की जरूरत है.

उच्चतम न्यायालय ने केंद्र से कहा है कि वह उसे सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर रोक संबंधी दिशा-निर्देश बनाने की समय-सीमा बताए.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles