Sunday, August 1, 2021

 

 

 

सबरीमाला केस में सुनवाई के दौरान SC में हंगामा, CJI ने गुस्से में फेंकी फाइल

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शीर्ष अदालत ने बुधवार को सबरीमाला मामले में पुनर्विचार याचिकाओं पर फैसला सुरक्षित रखा है। केरल के सबरीमाला मंदिर में सभी आयु वर्ग की महिलाओं को प्रवेश की अनुमति देने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर पुनर्विचार के लिए दायर याचिकाओं पर पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने सुनवाई पूरी की। इस मामले में कुल 64 याचिकाएं न्यायालय के समक्ष थीं।

सुनवाई के दौरान जमकर हंगामा भी हुआ। हालात हाथ से बाहर होते देख चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बुरी तरह नाराज हुए। गुस्से में आकर उन्होंने फाइल फेंक दी और बोले- अगर याचिकाकर्ता कोर्ट में इस तरह से पेश आएंगे, तब कोर्ट मामलों पर बहस करना बंद कर देगा।सीजेआई ने इसके बाद अधिवक्ता मैथ्यूज नेदुमपारा से कहा, “हमने आपसे अपनी जगह पर बैठने के लिए कहा है न। क्या आपको वहां बैठने में कोई दिक्कत हो रही है?” जवाब में नेदुमपारा ने कहा, “जी, मैं बैठूंगा। मैं बैठ रहा हूं…देखिए।”

सुनवाई में इससे पहले, एम सिंघवी बोले थे- हिंदुत्व ही पृथ्वी पर सबसे विविधताओं वाला धर्म है। यहां आप केवल जरूरी धार्मिक परंपराओं को ही मान्यता दे रहे हैं, जो कि सभी हिंदुओं के लिए नैतिक हैं? क्या यह संभव है? स्वाभाविक है कि विविधताओं वाले धर्म में यह सही चीज नहीं है। वहीं, वरिष्ठ अधिवक्ता आर.वेंकटरमणी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट को संप्रदाय नहीं तय करना चाहिए।

सुनवाई के दौरान बोर्ड की तरफ से पक्ष रख रहे वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश द्विवेदी ने कहा, “हमने कोर्ट के फैसले का सम्मान करने का फैसला लिया है, जिसमें सभी उम्र की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की अनुमति की बात कही गई थी।”

बता दें, सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल 28 सितंबर को 4-1 के बहुमत से फैसला सुनाते हुए मंदिर में सभी उम्र की महिलाओं को प्रवेश की इजाजत दी थी। कोर्ट ने 10 से 50 वर्ष की महिलाओं के प्रवेश पर पाबंदी को लिंग आधारित भेदभाव बताते हुए निरस्त कर दिया था।

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