गोवा में सरकार गठन के मामले को लेकर कांग्रेस की अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई हुई. इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने गोवा के मुख्यमंत्री के रूप में मनोहर पर्रिकर के शपथग्रहण पर रोक लगाने से इनकार किया, इसी के साथ कोर्ट ने गोवा में भाजपा की नई सरकार को बहुमत साबित करने का आदेश दिया.

कांग्रेस से पूछा है कि अगर आपके पास संख्या है तो संख्याबल के साथ गवर्नर के पास क्यों नहीं गए?  कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि यदि आपके पास बहुमत था तो आपको राज्‍यपाल के आवास के बाहर धरना देकर अपने विधायकों की संख्‍या के बारे में बताना चाहिए था लेकिन ऐसा नहीं किया. कोर्ट ने कांग्रेस से पूछा कि अभी तक समर्थन में आये विधायकों की जानकारी क्यों नहीं दी? अगर कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी है तो अभी तक इससे जुड़ा कोई ऐफिडेविट क्यों पेश नहीं किया गया ? याचिका में यह भी नहीं बताया गया है कि कांग्रेस के समर्थन में कितने विधायक ?

सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि अगर आप पहले गवर्नर के पास अपने संख्याबल के साथ जाते और फिर सुप्रीम कोर्ट आते तो हमारे लिए फैसला करना आसान हो जाता. सुप्रीम कोर्ट ने पूर्वाह्न 11 बजे विधानसभा सत्र बुलाने का निर्देश दिया और कहा कि सदस्यों के शपथ ग्रहण के बाद सदन का एकमात्र कामकाज शक्ति परीक्षण कराना होगा.

सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि शक्ति परीक्षण के लिए निर्वाचन आयोग संबंधी जरूरी औपचारिकताओं सहित सभी आवश्यक चीजें 15 मार्च तक पूरा कर ली जाएं. सुप्रीम कोर्ट ने राज्यपाल से शक्ति परीक्षण के लिए सदन की बैठक बुलाने को कहा.

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