सुप्रीम कोर्ट ने मोदी सरकार पर लगाया 1 लाख रूपए का जुर्माना कहा, कुछ नही करना चाहती सरकार

3:53 pm Published by:-Hindi News

नई दिल्ली | देश की सर्वोच्च अदालत ने मोदी सरकार को फटकार लगाते हुए कहा की सरकार खुद कुछ करना नही चाहती और जब अदालत निर्देश देती है तो कहते हो की अदालत सरकार चलाने की कोशिश कर रही है. अदालत ने यह टिपण्णी देश में निराश्रित विधवाओं की स्थिति को लेकर की. यही नही अदालत ने मोदी सरकार पर एक लाख रूपए का जुर्माना भी लगाया.

देश में निराश्रित विधवाओं की स्थिति पर ध्यान न दिए जाने के मामले को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. इस दौरान अदालत ने सरकार के खिलाफ कई कड़ी टिप्पणिया की. उन्होंने कहा की आपके रुख से लगता है की आप कुछ काम करना ही नही चाहते. फिर कहते है की अदालते सरकार चलने की कोशिश कर रही है. आप भारत की विधवाओ की स्थिति पर ध्यान नही दे रहे हो.

जस्टिस मदन बी लोकुर और जस्टिस दीपक गुप्ता की पीठ ने केंद्र सरकार को फटकार लगाते हुए कहा की आप हलफनामा दायर करे और कहे आप भारत की विधवाओ की स्थिति को लेकर चिंतित नही है. आपने अभी तक कुछ नही किया है.. यह पूरी तरह बेबसी है. सरकार कुछ नही करना चाहती. दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को आदेश दिया था की वो विधवाओ की स्थिति पर राष्ट्रिय महिला आयोग के सुझावों पर चर्चा करने के लिए बैठक बुलाये.

इसके अलावा अदालत ने यह भी आदेश दिया था की वो विधवाओ की स्थिति में सुधार करने के लिए दिशा निर्देश भी जारी करे. लेकिन मोदी सरकार ने अभी तक इस मामले में कोई भी बैठक आयोजित नही की है. इसलिए अदालत ने मोदी सरकार पर एक लाख रूपए का जुर्माना भी लगाया. हालाँकि महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय के वकील ने अदालत को बताया की 12 एवं 13 अप्रैल को बैठक होनी थी लेकिन किन्ही कारणों से नही हो पायी. अदालत ने सरकार को चार हफ्ते के अन्दर बैठक करने और दिशा निर्देश जारी करने का आदेश दिया.

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