Monday, September 20, 2021

 

 

 

NRC ड्राफ्ट में नाम शामिल कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने बढ़ाई अंतिम तारीख

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नई दिल्ली: असम में NRC मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की डेडलाइन 31 दिसंबर तक बढ़ा दी है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने इसके लिए 15 दिसंबर तक आखिरी तारीख निर्धारित की थी।

असम सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में इस डेडलाइन को एक महीने तक बढ़ाने की मांग की थी। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने दावे आपत्तियों की वैरीफिकेशन की डेडलाइन भी 1 फरवरी से बढ़ाकर 15 फरवरी तक कर दी है। एनआरसी कॉर्डिनेटर प्रतीक हजेला ने कोर्ट को बताया कि अभी तक 40 लाख लोगों में से 14.8 लाख लोगों के दावे व आपत्ति प्राप्त किए गए हैं।

असम सरकार ने सोमवार को पिछली सुनवाई के दौरान ही कोर्ट से डेडलाइन बढ़ाने के लिए अनुरोध किया था, लेकिन कोर्ट ने तब तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया था।

राज्य सरकार ने कोर्ट में दलील दी थी कि एनआरसी के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रसीजर (SOP) को 1 नवंबर को अंतिम रूप दिया गया था। उसके बाद ही लोगों ने दावा करने के लिए दस्तावेज जुटाना शुरू किया था। सरकार ने कहा कि दस्तावेज पाने में समय लगता है और इसके अलावा सरकार के अधिकारी, कर्मचारी पंचायत चुनावों में व्यस्त थे। लिहाजा डेडलाइन बढ़ाई जानी चाहिए। आखिरकार कोर्ट ने सरकार की दलील को मानते हुए डेडलाइन बढ़ा दिया।

सुप्रीम कोर्ट ने लोगों को नागरिकता साबित करने के लिए 5 और दस्तावेजों के इस्तेमाल की इजाज़त दी। पहले सिर्फ 10 दस्तावेजों को मान्यता दी थी। चीफ जस्टिस ने NRC कोऑर्डिनेटर प्रतीक हजेला के अतिरिक्त दस्तावेजों को मंज़ूरी ना देने के प्रस्ताव को खारिज करते हुए कहा था कि आपके प्रस्ताव तो सही लोगों को भी दावा नहीं करने देंगे।

बता दें कि फाइनल एनआरसी ड्राफ्ट में असम के 2.9 करोड़ लोगों के नाम शामिल किए गए थे, जबकि 3.29 करोड़ लोगों ने भारतीय नागरिक होने के अपने दस्तावेज जमा कराए थे। इस तरह लगभग 40 लाख लोग किसी न किसी वजह से इस ड्राफ्ट से बाहर हो गए थे।

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