Saturday, November 27, 2021

गुजरात दंगो के दौरान क्षतिग्रस्त हुए धार्मिक स्थलों के पुनर्निर्माण पर सुप्रीम कोर्ट ने पलटा हाई कोर्ट का आदेश

- Advertisement -

नई दिल्ली | साल 2002 में गुजरात दंगो के दौरान क्षतिग्रस्त हुए करीब 500 धार्मिक स्थलों के पुनर्निर्माण पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. मामले में सुप्रीम कोर्ट ने धार्मिक स्थलों की मरम्मत और उनके पुनर्निमाण के लिए राज्य सरकार की और से मिलने वाली अनुदान राशी पर रोक लगा दी. हालाँकि हाई कोर्ट ने इसी मामले में राज्य सरकार को अनुदान राशी देने का आदेश दिया था. जिसके खिलाफ राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी.

मंगलवार को चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा और जस्टिस पीसी पंत की पीठ ने राज्य सरकार को राहत देते हुए आदेश दिया की दंगो के दौरान जिन धर्मस्थलो को नुक्सान पहुँचाया गया, उनकी मरम्मत और पुनर्निर्माण का खर्चा राज्य सरकार वहन नही करेगी. इससे पहले राज्य सरकार की तरफ से पेश हुए अतिरित्क सोलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलील देते हुए कहा की ऐसा करना संविधान के अनुच्छेद 27 का उलंघन है.

तुषार मेहता ने दलील दी की अनुच्छेद 27 के तहत करदाता को अधिकार दिया गया है की उससे किसी धर्म को प्रोत्साहन देने के लिए टैक्स नही लिया जा सकता. इसलिए किसी भी धर्मिक स्थल के निर्माण के लिए सरकारी खजाने का उपयोग गलत है. जबकि गुजरात सरकार ने अधिकारिक तौर पर भी ऐसी निति बनायीं हुई है की धर्मस्थलो को हुए नुक्सान की भरपाई राज्य सरकार नही करेगी. तुषार मेहता ने अदालत के सामने 2001 में आये भूकंप का भी उदहारण दिया.

उन्होंने कहा की भूकंप में क्षतिग्रस्त हुए किसी भी धार्मिक स्थल को अनुदान राशी नही दी गयी थी. उधर हाई कोर्ट में इस मामले की याचिकाकर्ता संस्था इस्लामिक रिलीफ सेंटर के वकील ने दलील दी की धार्मिक स्थलों की सुरक्षा की जिम्मेदारी राज्य सरकार की है. अगर वो इसमें नाकाम होती है तो नुक्सान की भरपाई भी राज्य सरकार को ही करनी होगी. लेकिन कोर्ट ने उनकी दलील को ख़ारिज कर दिया.

- Advertisement -

[wptelegram-join-channel]

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles