padmawatip(4)

padmawatip(4)

नई दिल्ली । संजय लीला भंसाली की फ़िल्म ‘पद्मावत’ को लेकर मचा हंगामा थमने का नाम नही ले रहा है। हालाँकि फ़िल्म निर्माताओ ने फ़िल्म की रिलीज़ डेट घोषित कर दी है लेकिन चार राज्यों की सरकारों के रूख से उन्हें बड़ा धक्का लगा है। राजस्थान, हरियाणा, मध्य प्रदेश और गुजरात सरकारो ने फ़िल्म पर प्रतिबंध लगा दिया है। इस बैन के ख़िलाफ़ फ़िल्म निर्माताओ ने बुधवार को सप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाख़िल की।  

गुरुवार को याचिका पर सुनवाई करते हुए सप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों के प्रतिबंध को असंवैधानिक क़रार दिया। कोर्ट का कहना था की सरकारों का फ़िल्म पर बैन लगाना संविधान की आर्टिकल 21 के तहत लोगों को जीवन जीने और स्वतंत्रता के अधिकार का हनन है। इसके साथ ही कोर्ट ने चार राज्यों में फ़िल्म पर लगी पाबंदी को हटा दिया है। इसके साथ ही कोर्ट ने राज्य सरकारों को क़ानून व्यवस्था बनाए रखने का भी निर्देश दिया है।

चीफ़ जस्टिस की पीठ ने मामले में सुनवाई करते हुए कहा की इस नोटिफिकेशन से आर्टिकल 21 के तहत मिलने वाले अधिकारों का हनन होता है। यह राज्यों का दायित्व है कि वह क़ानून व्यवस्था बनाए। राज्यों की यह भी जिम्मेदारी है कि फिल्म देखने जाने वाले लोगों को सुरक्षित माहौल मिले। इसके बाद कोर्ट ने राज्य सरकार के आदेश पर स्थगन आदेश दे दिया।

इससे पहले फ़िल्म निर्माताओ की और से कोर्ट में पेश हुए मशहूर वक़ील हरीश साल्वे ने दलील दी की राज्यों का पाबंदी लगाना सिनेमैटोग्राफी एक्ट के तहत संघीय ढांचे को तबाह करना है। राज्यों को इस तरह का कोई हक नहीं है। लॉ एंड आर्डर की आड़ में राजनीतिक नफा नुकसान का खेल हो रहा है। उधर कोर्ट का फ़ैसला आते ही राजस्थान की वसुंधरा सरकार ने आपात मीटिंग बुलाकर अगले क़दम पर चर्चा की। उम्मीद है की चारों राज्य, सोमवार को कोर्ट में अपना पक्ष रखे।

मुस्लिम परिवार शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें

Loading...

विदेशों में धूम मचा रहा यह एंड्राइड गेम क्या आपने इनस्टॉल किया ?