NRC की प्रक्रिया को लेकर मीडिया में बयानबाजी के चलते सुप्रीम कोर्ट ने एनआरसी के अध्‍यक्ष प्रतीक हजेला को कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने कहा कि आप कौन होते हैं यह कहने वाले कि फ्रेश डॉक्यूमेंट दें। आप ने ये कैसे कहा कि काफी मौके देंगे। आपका काम रजिस्टर तैयार करना है न कि मीडिया को ब्रीफ करना।

सुप्रीम कोर्ट ने हजेला से पूछा कि, आपको कोर्ट की अवमानना में जेल क्यों न भेजा जाए? सुप्रीम कोर्ट ने हजेला और रजिस्टार जरनल को कहा कि भविष्य में सतर्क रहें और कोर्ट आदेश के मुताबिक काम करें। कोर्ट ने हेजेला को कहा कि आपका काम केवल NRC बनाना था न कि प्रेस में जाना।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हजेला के स्टेटमेंट का स्वतः संज्ञान लेकर सुनवाई शुरू हुई है। कोर्ट ने कहा कि जो स्टेटमेंट हजेला ने दिया है वह सही नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस बात को ध्यान में रखते हुए ही फाइनल NRC पूरा होना है। सुप्रीम कोर्ट ने हजेला और रजिस्टार जरनल को कहा कि भविष्य में सतर्क रहें और कोर्ट के आदेश के मुताबिक काम करें।

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इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को भी फटकार लगाई। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाए और केंद्र से पूछा कि वह बताए कि देश में अलग-अलग जगह हो रही ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए उसके पास क्‍या योजना है।

बता दें कि असम में 30 जुलाई को बहुप्रतीक्षित नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स (एनआरसी) का दूसरा और आखिरी मसौदा जारी कर दिया गया। जिसके मुताबिक कुल 3.29 करोड़ आवेदन में से इस लिस्ट में 2.89 करोड़ लोगों को नागरिकता के योग्य पाया गया है, वहीं करीब 40 लाख (4,007,707) लोगों के नाम इससे बाहर रखे गए हैं।

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