Wednesday, January 26, 2022

त्रिलोकपुरी सिख दंगे मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 15 दोषियों को बरी किया

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1984 में पूर्वी दिल्ली के त्रिलोकपुरी इलाके में हुई सिख हिंसा के सिलसिले में सर्वोच्च न्यायालय ने 15 आरोपियों को मंगलवार को बरी कर दिया। निचली अदालत ने इन्हें दोषी ठहराया था। सज़ायाफ्ता लोगों ने सुप्रीम कोर्ट में इसे चुनौती दी थी।
उच्चतम न्यायालय ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि इन 15 लोगों के खिलाफ न तो दंगों में शामिल होने के सीधे सबूत मिले हैं और न ही गवाहों ने उनकी पहचान की है। इसी कारण इन्हें बरी कर दिया गया।
मामले में जिन्हें मंगलवार को बरी किया गया उनमें गनशेनन, वेद प्रकाश, तारा चंद, सुरेंदर सिंह (कल्याण पुरी), हबीब, राम शिरोमणी, ब्रह्म सिंह, सुब्बर सिंह ओर सुरेंदर मूर्ति शामिल हैं।
निचली अदालत ने 1996 में पांच-पांच साल कैद की सजा सुनाई थी।  इस मामले में 95 शव बरामद हुये थे लेकिन किसी भी दोषी पर हत्या की धाराओं में आरोप तय नहीं हुये थे।  इनके खिलाफ 2 नवंबर 1984 को कर्फ्यू का उल्लंघन कर हिंसा करने का आरोप था।
उस हिंसा में त्रिलोकपुरी में करीब 95 लोगों की मौत हो गई थी और करीब सौ घरों को जला दिया गया था। ट्रायल कोर्ट के फैसले के खिलाफ इन लोगों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी और फिर हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई।
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