Friday, January 28, 2022

ट्रिपल तलाक पर सुन्नी उलेमाओं ने कहा, किसी बदलाव की गुंजाईश ही नहीं

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देश भर में ट्रिपल तलाक को लेकर बहस जारी हैं दूसरी तरफ सुन्नी बरेलवी उलेमा 3 तलाक के मामले को रोकने के लिए प्रयास कर रहे हैं. इसी के लिए 26 जुलाई को मुरादाबाद में एक कांफ्रेंस आयोजित की जा रही हैं जिसमें मुस्लिमों को बताया जायेगा कि एक साथ तलाक देना कितना बड़ा गुनाह होता है.

गुरुवार को दरगाह-ए-आला-हजरत में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में तीन तलाक पर रोक लगाने की मुहीम पर मौलाना अहसान रजा कादरी ने अपनी सहमती देते हुए कहा कि शरियत की जानकारी के आभाव में लोग गलत तरह से तीन तलाक देने की प्रथा जोर पकड़ रही हैइसे रोकने के लिए 26 जुलाई को मुरादाबाद में होने वाली कांफ्रेंस में मुस्लिमों को बताया जायेगा कि एक साथ तलाक देना कितना बड़ा गुनाह होता है.

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड के सदस्य मौलाना खालिद रशीद ने कहा कि 3 तलाक का मामला कोई खत्म नहीं कर सकता है. उन्होंने कहा, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड भी इस मामले पर विचार कर रहा है कि कैसे ट्रिपल तलाक के बढ़ते मामलों को रोका जाए. उन्होंने ट्रिपल तलाक का गलत प्रयोग करने वालों पर फाइन लगायें जानें की बात कहीं हैं.

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड के सदस्य जफरयाब जिलानी का कहना है कि यह हम बहुत पहले से कह रहे हैं ट्रिपल तलाक पर रोक नहीं लगाई जा सकती है, लेकिन उसके गलत प्रयोग पर जरूर रोक लगाई जा सकती है. उन्होंने कहा मामला कोर्ट में है लेकिन मुस्लिम हमेशा ही शरियत के कानून से चलता है.

वहीँ सामाजिक कार्यकर्ता नाइश हसन ने तीन तलाक पर रोक का समर्थन करते हुए कहा ना तो संविधान और ना ही कुरान ट्रिपल तलाक का फेवर करता है. यह सिर्फ पुरुषवादी सोच का नतीजा है. इसको बंद होना चाहिए.

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