Thursday, May 19, 2022

सुंजवां हमला: भेदभाव करने वाले ले सबक, पांच शहीदों में से थे चार मुस्लिम

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देश में मुस्लिमों को शक की नजरों से देखने वालों के लिए जम्मू-कश्मीर में सुंजवां आर्मी कैंप पर हुआ आतंकी हमला किसी बड़े सबक से कम नहीं है. जिसमे पांच जवानों ने अपनी शहादत दी है. इन पांच जवानों में चार जवान मुसलमान है.

इस आतंकी हमले में  50 साल के जेसीओ मदल लाल चौधरी, सेना के जवान मोहम्मद अशरफ, हबीबुल्ला कुरैशी, मोहम्मद इकबाल और मंजूर अहमद शहीद हो गए. साथ ही हमले के दौरान सुरक्षाबलों ने चारों आतंकियों को भी मौत के घाट उतार दिया. इसके अलावा एक जवान के पिता की भी गोली लगने की वजह से मौत हो गई.

ये शहादत उन लोगों के मुंह में करारा तमाचा है. जो किसी भी शख्स की देशभक्ति उसके धर्म को देख कर आंकते है. किसी एक विशेष नारे पर उसको पाकिस्तानी और गद्दार कहने पर गुरेज नहीं करते है.

ख़ास बात ये है कि ये सभी जवान जम्मू कश्मीर के ही रहने वाले है. जेसीओ मदन लाल चौधरी जम्मू कश्मीर के कठुआ जिले के रहने वाले है. जवान मोहम्मद अशरफ जो कुपवाड़ा जिले के रहने वाले है. इसके अलावा हबीबुल्ला कुरैशी बटपोरा गांव में रहने वाले है.

हबीबुल्ला कुरैशी अपने बूढ़े मां-बाप के इकलौते बेटे थे. वो अपने पीछे 6 बेटियों को छोड़ गए हैं. इन सभी के परिजनों को अपने बेटों की शहादत पर नाज है.

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