सिविल सेवा परीक्षा – 2019 का परिणाम आ गया है। इस साल कुल 829 उम्मीदवारों ने कामयाबी हासिल की है। जिसमे से केवल 44 मुस्लिम उम्मीदवार ही शामिल है। जो कुल उम्मीदवारों का सिर्फ पाँच फीसद है। हालांकि ये पिछले साल के 28 उम्मीदवारों से ज्यादा है।

इनमे राजस्थान के चित्तौड़गढ़ के रहने वाले सूफियान अहमद भी शामिल है। उन्होंने अपनी विफलताओं से सबक हासिल कर ये कामयाबी हासिल की है। उन्होने बताया वह पहले प्रयास में ही यूपीएससी के साक्षात्कार तक पहुंच गए थे। लेकिन कामयाबी नहीं मिली। जिसके बाद उन्होने अपनी गलतियों का विश्लेषण किया और उनको दूर करने की कोशिश की।

हालांकि दूसरी बार में वह प्रारंभिक परीक्षा तक पास नहीं कर पाए। दरअसल उन्होने दूसरी बार परीक्षा को गंभीरता से नहीं लिया। लेकिन तीसरी बार में बिना किसी दबाव और सकारात्मक सोच के साथ परीक्षा दी। और बेहतर परिणाम प्राप्त कर कामयाबी पा ली।

सूफियान ने कहा कि दो बार विफलता मिलने पर मेरे ऊपर परीक्षा का काफी दबाव आ गया था लेकिन मेरे माता-पिता और मेरे दोस्तों ने मेरे ऊपर से इस दबाव को हटाने में काफी मदद की। इस सभी लोगों ने मुझ पर अपना विश्वास कायम रखा और मुझे बेहतर करने के लिए उत्साहित करते रहे। इन सभी की वजह से मैं तीसरी बार परीक्षा बिना किसी दबाव के दे पाया।

तैयारी को लेकर उन्होने कहा कि प्रतिदिन कितने घंटे पढ़ाई करनी है, यह आपके पढ़ाई के लक्ष्य पर निर्धारित करता है। यदि आप किसी एक किताब को पूरा करने के लिए दस दिन का समय तय करते हो तो आपको उसकी के मुताबिक प्रतिदिन पढ़ाई करनी होगी। मैं दस-बारह घंटे लगातार पढ़ाई नहीं कर सकता हूं। इसलिए मैंने अपने लिए पांच-पांच या छह-छह घंटे का समय निर्धारित किया हुआ था।

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