अखिल भारतीय सूफी सज्जादानशीन परिषद (AISSC) के16 सदस्य इन दिनों कश्मीर दौरे पर है। इस दौरान शनिवार को इन सभी को हजरतबल दरगाह में भारी विरोध का सामना करना पड़ा।

दरअसल, 12 अक्टूबर को आए प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार की नमाज में अदा करने के बाद दरगाह में स्थानीय लोगों के साथ बातचीत करने का पहला प्रयास किया। इस दौरान स्थानीय लोगों ने कहा कि कई ने नारे लगाते हुए परिसर छोड़ दिया।

स्थानीय लोगों ने कहा कि कई नमाजियों ने इन लोगों की बात सुनना भी जरूरी नहीं समझा और नारे लगाते हुए इन लोगों को परिसर छोड़ देने के लिए मजबूर कर दिया।

अखिल भारतीय सूफी सज्जादानशीन परिषद (एआईएसएससी) के प्रवक्ता दीपक शर्मा ने कहा, “कुछ नारे लगे हैं।”

एआईएसएससी के वरिष्ठ सदस्य सैयद नसीर उददीन चिश्ती ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल की तीन दिवसीय यात्रा का उद्देश्य “देश के मुख्यधारा के साथ प्रेम का संदेश फैलाना और कश्मीरियों को एकीकृत करना था।” हम यहां प्यार फैलाने आए हैं ”।

प्रतिनिधिमंडल को राज्य सरकार द्वारा होस्ट किया गया और सुरक्षा कवर प्रदान की गई। ऐसे में इन लोगों ने अब मखदूम साहिब में अपनी यात्रा स्थगित कर दी है।

चिश्ती ने जम्मू-कश्मीर की विशेष स्थिति या धारा 370 के हटाने के सबंध में टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होने कहा, “हम यहां की जमीन का पता लगाने आए हैं। मोबाइल फोन सेवाओं और इंटरनेट उपलब्ध नहीं होने के कारण लोग यहां नाखुश हैं।

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