सिविल सेवा में मुस्लिमों की लगातार बढ़ती कामयाबी से दुखी सुदर्शन टीवी के संपादक सुरेश चव्हाणके के विवादित कार्यक्रम ‘UPSC जिहाद’ के लिए केंद्र सरकार ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इस बात की जानकारी खुद केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को दी है।

एनडीटीवी के मुताबिक, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि केंद्र ने सुदर्शन न्यूज टीवी को आज 4 पेज का नोटिस जारी किया है। इसमें कहा गया है कि टीवी को प्रोग्राम कोड के उल्लंघन के बारे में 28 सितंबर को शाम 5 बजे से पहले एक लिखित सबमिशन देने की आवश्यकता है कि उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए। अगर नोटिस का जवाब नहीं दिया जाता है, तो एक प़क्षीय निर्णय लिया जाएगा। केंद्र के अनुसार पहली नजर में चैनल का शो प्रोग्राम कोड के अनुसार नहीं है।

हालांकि इस दौरान तुषार मेहता ने कहा कि 28 सितंबर तक सुनवाई स्थगित होनी चाहिए। जिस पर जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि अगर मामले की सुनवाई नहीं होती तो अब तक यह शो पूरी तरह से प्रसारित हो चुका होता। हमें इसके बारे में सोचना चाहिए। एसजी तुषार मेहता ने कहा कि मुझे लगता है कि अदालत का हस्तक्षेप अंतिम उपाय होना चाहिए।

इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई पांच अक्टूबर तक टाल दी। सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार बाकी शो के प्रसारण पर रोक जारी रहेगी। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा है कि वह सुदर्शन न्यूज को दिए गए नोटिस पर कानून के मुताबिक कार्रवाई करे। इसके बाद इस रिपोर्ट को सुप्रीम कोर्ट के सामने रखे। पांच अक्टूबर को दो बजे अगली सुनवाई होगी।

इससे पहले केंद्र ने हलफनामा दाखिल कर कहा था कि यदि सुप्रीम कोर्ट मीडिया नियमन के मुद्दे पर कोई फैसला लेता है तो पहले यह डिजिटल मीडिया के संबंध में लिया जाना चाहिए। केंद्र के हलफनामे में कहा गया, ”मुख्यधारा के मीडिया (इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट) में प्रकाशन, प्रसारण एक बार ही होता है, वहीं डिजिटल मीडिया की व्यापक पाठकों/दर्शकों तक पहुंच तेजी से होती है और वॉट्सऐप, ट्विटर और फेसबुक जैसी कई इलेक्ट्रॉनिक एप्लिकेशन्स की वजह से जानकारी के वायरल होने की भी संभावना है।”

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