नई दिल्ली | आजकल पुरे देश की यूनिवर्सिटी और स्कूलों में राष्ट्रवाद को लेकर बहस चल रही है. जेएनयु और जाधवपुर यूनिवर्सिटी में हाल फ़िलहाल में राष्ट्रवाद को लेकर काफी विवाद हुआ है. कुछ ऐसे छात्र संगठन है जो प्रतिबंधित संगठनों से सहानभूति रखते है. इसकी बानगी हमने पिछले साल जेएनयु यूनिवर्सिटी में देखी थी जब वहां कुछ छात्रों ने देश विरोधी नारे लगाए थे.

अब दिल्ली सरकार ने इस पर रोक लगाने का फैसला किया है. दिल्ली सरकार ने नयी गाइड लाइन जारी करते हुए निर्देश जारी किये है की अब ऐसे छात्रों को दिल्ली के किसी भी स्कूल में प्रवेश नही दिया जायेगा जो किसी भी प्रतिबंधित संगठन के साथ जुड़ा हुआ है या उससे सहानभूति रखती है. शिक्षा निदेशालय ने सभी स्कूलों को नयी आचार संहिता जारी कर दी है.

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नयी गाइड लाइन में कहा गया की किसी प्रतिबंधित संगठन के साथ संबन्ध पाए जाने को वर्जित कार्य माना गया है ऐसे संगठन का साथ देने पर स्कूल में प्रवेश से इनकार किया जा सकता है. ये निर्देश प्रवेश और अकादमिक सत्र के समय छात्रों को दिए जा रहे है. बताते चले की भारत सरकार ने लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद , बब्बर खालसा, माओवादी और पूर्वोत्तर के कई संगठनों को प्रतिबंधित किया हुआ है.

शिक्षा निदेशालय ने ये निर्देश छठी से 12वी कक्षा तक के छात्रों के लिए जारी की है. इनमे बिना इजाजत कक्षा से गैरहाजिर रहने , छात्राओं से छेड़खानी करने, गुटखा पान खाने, ड्रग्स का इस्तेमाल करने , मोबाइल एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स गजेट्स का कक्षा में इस्तेमाल करने और क्लासमेट को परेशान करने जैसे मामले शामिल किये गए है. ऐसा करने वाले छात्रों पर स्कूल कार्यवाही के तौर पर उनके परिजन को चेतावनी से लेकर छात्र को कुछ समय के लिए स्कूल से निलंबित करने के लिए स्वतंत्र होगा.

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