बंगलौर | जेएनयु के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने देश के सभी शिक्षण संस्थाओ में छात्र संघ चुनावो को जरुरी करने का सुझाव देते हुए कहा की सुप्रीम कोर्ट की लिंगदोह समिति ने भी यही सुझाव दिया है. देश की राजनीती में छात्र विचारो को समाहित करने की जरुरत है. लेकिन कुछ राज्य सरकार छात्र संघ चुनावो पर प्रतिबंध लगा रही है क्योकि हमारे देश के नेता नही चाहते की कोई भी नया नेता उभरे और सिस्टम को चुनौती दे.

बंगलौर में एक कार्यक्रम में बोलते हुए कन्हैया कुमार ने कहा की अब देश में एक घुटन से होने लगी है. अभिव्यक्ति की आजादी पर चोट की जा रही है. कन्हैया ने जेएनयु छात्र नजीब अहमद का जिक्र करते हुए कहा की जेएनयु के बायो के छात्र नजीब को लापता हुए कई महीने हो चुके है लेकिन उन तीन ABVP के छात्रों पर अभी तक कोई कार्यवाही नही की गयी है जिनके साथ नजीब का झगडा हुआ और जिनके साथ वो आखिरी बार देखा गया.

देश में सामाजिक और राजनितिक आन्दोलनों के बीच बढ़ रही खाई पर कन्हैया ने कहा की अब राजनितिक दलों के सवालों में सामाजिक आन्दोलन के मुद्दे जगह नही बना पाते है क्योकि हमारे राजनितिक दलों ने समाज से नाता ही तोड़ दिया है. हमें इन दोनों के बीच की संघतात्म्क कड़ी बनने की जरुरत है. कन्हैया ने शिक्षण संस्थानों में छात्र संघ चुनावो को जरुरी बताते हुए कहा की हमें छात्रों की आवाज नही दबानी चाहिए. फ़िलहाल देश में अगर कोई छात्र अपने विचार व्यक्त करता है तो उसे सजा दी जाती है.

राजनितिक पार्टी बनाने या किसी पार्टी को ज्वाइन करने के सवाल पर कन्हैया कुमार ने कहा की मैं कभी भी किसी राजनीतक दल को ज्वाइन नही करूँगा और न ही कभी कोई पार्टी बनाऊंगा, मैं एक शोध का छात्र हूँ और टीचिंग को अपना करियर बनाना चाहता हूँ. हालाँकि मेरा हमेशा प्रयास रहेगा की मैं राजनितिक आन्दोलन और सामाजिक आन्दोलन के बीच एक कड़ी का काम कर सकू.


शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

Loading...

कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें