Sunday, October 24, 2021

 

 

 

दिल्ली दंगे में गिरफ्तार गुलफिशा फातिमा ने लगाए जेल में मानसिक प्रताड़ना देने के आरोप

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मुस्लिम विरोधी दिल्ली दंगों से जुड़े मामले में गैर कानूनी गतिविधि (रोकथाम) कानून के तहत गिरफ्तार जामिया की छात्रा और कार्यकर्ता गुलफिशा फातिमा ने दिल्ली की एक अदालत में सोमवार को आरोप लगाया कि जेल अधिकारी उसके खिलाफ सांप्रदायिक टिप्पणी करते हैं और उसे मानसिक यातना दे रहे हैं।

बता दें कि गुलफिशा फातिमा उत्तर-पूर्वी दिल्ली में फरवरी में हुई सांप्रदायिक हिंसा से जुड़े एक मामले में तिहाड़ जेल में बंद हैं। छात्रा ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये सुनवाई के दौरान कहा, ‘जेल में मुझे एक समस्या हो रही है… जब से मैं यहां लाई गई हूं, लगातार जेलकर्मियों के द्वारा भेदभाव का सामना कर रही हूं। वे मुझे ‘शिक्षित आतंकवादी’ कहकर पुकारते हैं और मुझ पर सांप्रदायिक टिप्पणी करते हैं। वे मुझसे कहते है कि बाहर तुमने दंगे करवाए, तुम अंदर रहकर मरो…’

उन्होने ये भी कहा, मैं यहां मानसिक प्रताड़ना का सामना कर रही हूं। यदि मैं खुद को कोई नुकसान पहुंचाती हूं तो इसके लिए सिर्फ जेल अधिकारी जिम्मेदार होंगे।’ फातिमा के इस बयान पर अदालत ने उनके वकील को इस बारे में एक अर्जी दायर करने को कहा। इस पर छात्रा के वकील महमूद प्राचा ने कहा कि वह इस मामले में जरूरी आवेदन करेंगे।

गुलशिता फातिमा एमबीए की छात्रा है. फातिमा पर आरोप है कि उसने पिछले 22 फरवरी को जाफराबाद मेट्रो स्टेशन के पास सड़क जाम करने के लिए लोगों को उकसाने वाला भाषण दिया। पुलिस ने फातिमा को पिछले 9 अप्रैल को गिरफ्तार किया था। एफआईआर संख्या 48/20 में उनके ऊपर आईपीसी कई धाराएं लगाई गई।

इस एफआईआर पर उन्हें 13 मई को जमानत मिल गई थी, लेकिन इसके बाद आर्म्स एक्ट और यूएपीए जैसी धाराएं लगाकर उन्हें जेल में बंद कर दिया गया। बता दें कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों में 53 लोग मारे गए थे और करीब दो सौ लोग घायल हो गए थे।

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