Sunday, October 17, 2021

 

 

 

मुरथल में उसके साथ जो हुआ उसके बाद अब कभी लौटकर भारत नहीं आएगी गुरुदीप

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हरियाणा में जाट आंदोलन की आड़ में जो हुआ उससे आज पूरा देश शर्मसार है। आरक्षण की आग में महिलाओं की इज्जत की आहूति तक दे दी गई। हरियाणा में जाट आंदोलन के दौरान अंबाला-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित मुरथल के पास 21-22 फरवरी की वह मनहूस रात सतबीर सिंह सत्ती को झकझोर देती है। करीबी रिश्तेदार गुरदीप कौर को दिल्ली हवाई अड्डे छोड़ने जा रही उनकी कार भी भीड़ के हत्थे चढ़ गई। सत्ती और गुरदीप किसी तरह भीड़ के हमले से बचने में सफल रहे। लेकिन उनकी कार नहीं बच सकी। अन्य वाहनों की तरह भीड़ ने उसे भी जलाकर खाक कर दिया। आदमपुर (जलंधर) निवासी सत्ती ने बताया, उस रात भीड़ में शामिल लोगों ने जान बचाकर भाग रही महिलाओं का पीछा किया था।

कुछ महिलाएं उनके कब्जे में भी आईं, वे लोग उन्हें कहां ले गए? उसके बाद उन महिलाओं के साथ क्या हुआ? इसकी जानकारी सत्ती को नहीं है, क्योंकि वह भी गुरदीप कौर को भीड़ के चंगुल से बचाने में लग गए थे। सत्ती के मुताबिक, उनकी रिश्तेदार गुरदीप कौर अपने बीमार माता-पिता को देखने अमेरिका से आई आई थीं। इसके बाद उन्हें अमेरिका वापस जाना था। दोनों 21 फरवरी को कार से चंडीगढ़ के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे गए।

वहां उन्हें दिल्ली के लिए टिकट नहीं मिला। दिल्ली जाने के लिए कोई बस और रेलगाड़ी भी नहीं थी। उनका दिल्ली पहुंचना जरूरी था, इसलिए उन्होंने सड़क मार्ग से जाना तय किया। अंबाला से करनाल तक उन्हें कोई दिक्कत नहीं हुई। सत्ती ने बताया कि पानीपत बैरियर पार कर जैसे ही वो मुरथल के पास पहुंचे, वहां सैकड़ों वाहन सड़क पर खड़े थे। भीड़ चिल्ला-चिल्ला कर लोगों से वाहनों से निकल जाने के लिए कह रही थी।

गुरदीप कौर ने पासपोर्ट और अन्य सामान वाला अपना बैग निकाला और छिपने लगीं। उन्होंने देखा दो महिलाएं और एक लड़की भी बचने का प्रयास कर रही थी। उन्होंने देखा कि जो महिलाएं छिपने या भागने में नाकाम रहीं उन्हें भीड़ में शामिल लोगों ने पकड़ लिया। सत्ती कहते हैं, इसके बाद उन महिलाओं को कहां ले जाया गया और उनके साथ क्या हुआ, इसके बारे में वो महिलाएं ही बता सकती हैं। भागते समय सत्ती और गुरदीप ने एक वाहन को जलते हुए देखा। तड़के करीब पांच बजे कुछ सरकारी लोगों ने उन्हें दिल्ली के लिए रास्ता साफ होने की बात कही।

चूंकि उनकी कार भीड़ के हत्थे चढ़कर खाक हो चुकी थी। इसलिए वे अन्य वाहन से दिल्ली पहुंचे। सत्ती ने बताया कि गुरदीप कौर अमेरिका तो पहुंच गई हैं। लेकिन मुरथल में जो हुआ, उससे वो सदमे में हैं और अब तक काम पर नहीं गई हैं। गुरदीप ने अब कभी भारत न आने का फैसला किया है। क्योंकि उनकी आंखों के सामने जो घटा, उसके बारे में सोचते ही उनकी रूह कांप जाती है। (liveindiahindi)

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