Sunday, December 5, 2021

स्टिंग में बड़ा खुलासा -क्या साजिश के तहत वाराणसी से रद्द हुआ तेज बहादुर यादव का नामांकन?

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आम चुनाव में वाराणसी सीट से सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के बर्खास्त जवान तेज बहादुर यादव के नामांकन रद्द होने को लेकर एक स्टिंग सामने आया है। छिपे हुए कैमरे पर चुनाव आयोग (ईसी) के पर्यवेक्षक ने साफ तौर पर कबूला कि लगभग 48 घंटों तक वह यादव का पर्चा खारिज करने के लिए वजह ढूंढते रह गए थे।

‘एबीपी न्यूज’ ने इस दावे की पड़ताल के लिए ईसी के पर्यवेक्षक के.प्रवीण कुमार किया, जिसमें उन्होंने साफ तौर माना कि उन्हें तेज बहादुर यादव का पर्चा खारिज करने की वजह ढूंढने में लगभग 48 घंटे का समय लगा था। इससे पहले यादव के वकील ने भी दावा किया था कि पर्यवेक्षक ने बनारस के जिलाधिकारी से उनके सामने कहा था कि बर्खास्त बीएसएफ जवान का पर्चा खारिज किया जाना है।

छिपे हुए कैमरे के सामने रिपोर्टर से कुमार ने कहा, “हम इसमें 48 घंटे…हम…पहले नॉमिनेशन और दूसरे नॉमिनेशन के बीच में गैप में बहुत हमने सब नियम देख लिए थे। इतना निगलेक्ट से कुछ भी नहीं…मैंने कलेक्टर और रिटर्निंग ऑफिसर से…फोन पर वकील से…ईसी से सबकी जानकारी ले ली। सब यही 33/3 तुम लोग कौन फैसला लेने को बोलता। जब धारा 33/3 है, तब आप क्या उम्मीद करें। आप नहीं कर सकते।”

वकील राजेश गुप्ता ने भी दावा किया था, “वाराणसी चुनाव क्षेत्र के जो रिटर्निंग ऑफिसर (सुरेंद्र सिंह-डीएम) हैं, उन्होंने बताया था कि पेपर में कोई गलती नहीं है, तभी आंध्र के बड़े अधिकारी आए और डीएम से बोले कि तेज बहादुर की फाइल कहां है…डीएम से उन्होंने कहा कि इनका तो रिजेक्ट करना है।”

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