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अपनी ही शिष्या के साथ बलात्कार के आरोपो का सामना कर रहे  हिन्दू धर्मगुरु और शनिधाम के संस्थापक दाती महाराज के मामले में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने जांच की स्टेटस रिपोर्ट हाई कोर्ट को सौंप दी है।

पीड़िता के वकील ने बताया, पुलिस के रिपोर्ट को गोपनीय बताते हुए सील कवर में इसे कोर्ट को सौंपा है। उन्होंने कहा कि शिकायकर्ता के वकील होने के बावजूद उनके साथ भी रिपोर्ट का कंटेंट शेयर नहीं किया गया है और न ही उन्हें इसकी कोई कॉपी दी गई है।

रकारी वकील के मुताबिक रिपोर्ट में क्या है, इसका खुलासा अगली सुनवाई की तारीख 3 अक्टूबर को हाई कोर्ट बेंच के सामने ही होगा। बता दें कि पीड़िता ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सीबीआई से जांच कराने की मांग की है।

पीड़िता ने पुलिस पर जांच में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए कहा है कि एफआईआर के डेढ़ माह बाद भी दिल्ली पुलिस ने दाती महाराज को गिरफ्तार नहीं किया है।

दाती महाराज की अब तक गिरफ्तारी न होने को लेकर हाइकोर्ट पहले ही दिल्ली पुलिस को फटकार लगा चुकी है। कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से पूछा था कि अब तक आपने क्या किया, आपको अंदाज़ा है कि यौन उत्पीड़न और शोषण के क्या मायने है। इस मामले को महीने भर से ऊपर हो चुका है।

गौरतलब है कि दाती मदन लाल उर्फ दाती महाराज के खिलाफ सात जून को एक शिकायत दर्ज कराई गई थी और 11 जून को एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पीड़िता का कहना है कि दाती और उसके तीन भाइयों अशोक, अर्जुन और अनिल ने राजस्थान स्थित अपने आश्रम में ‘चरण सेवा’ के नाम पर उसके साथ बलात्कार किया था।

पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसे पेशाब पीने तक का दबाव बनाया गया। 12 जून को यह केस स्थानीय पुलिस से लेकर क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दिया गया था।

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