Thursday, January 20, 2022

अयोध्या मामले में मुस्लिम पक्ष की दलील – धोखे से रखी गई थी बाबरी मस्जिद में मूर्तियां

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अयोध्या जमीन विवाद मामले में 18वें दिन सुनवाई चल रही है। अब मुस्लिम पक्षकार अपनी दलील रख रहे हैं। मुस्लिम पक्ष ने हिंदू पक्ष पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि हिंदुओं ने विवादित जगह पर भगवान राम की मूर्तियां चोरी-चुपके से रखी थीं।

सुन्नी वक्फ बोर्ड की ओर से दलील पेश करते हुए वकील राजीव धवन ने कहा कि मुस्लिम समाज को नमाज अदा करने से हिंदुओं ने रोका था। यही नहीं विवादित ढांचे में आस्था को आधार बनाकर मूर्ति भी स्थापित की। देश के आजाद होने की तारीख और संविधान की स्थापना के बाद किसी धार्मिक स्थल का परिवर्तन नहीं किया जा सकता।

उन्होने कहा, महज स्वयंभू होने के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि अमुक स्थान किसी का है। सुप्रीम कोर्ट से मैं चाहूंगा कि वह इस मामले के तथ्यों के आधार पर फैसला दे। मूर्ति चोरी से रखी गई थीं। अयोध्या विवाद पर विराम लगना चाहिए।

इसके बाद धवन ने सुप्रीम कोर्ट की पीठ के समक्ष कुछ तस्वीरें पेश की। धवन ने कहा कि दो तस्वीरों में से एक में केके नायर, उपायुक्त मौजूद हैं। यह 1950 की तस्वीर हैं। नायर ने कई बार हस्तक्षेप किया और उन्होंने उस समय मुख्य सचिव और पीएम को पत्र भी भेजा था। सिटी मजिस्ट्रेट के यथास्थिति के बाद इस तस्वीर में साफ होता है कि आदेश का उल्लंघन हुआ था। यथास्थिति के बाद इस स्थान में  मंदिर जैसी परंपराओं को निभाया जा रहा था।

babri masjid

राजीव धवन ने कहा मस्जिद में मूर्ति का होना कोई चमत्कार नहीं बल्कि सोचा समझा ‘हमला था’। राजीव धवन ने कहा कि हिन्दू पक्ष की दलील है कि मुस्लिम पक्ष के पास विवादित जमीन के कब्ज़े के अधिकार नहीं है। मुस्लिम पक्ष वहां नमाज अदा नहीं करते हैं। उसके पीछे वजह ये है कि 1934 में निर्मोही अखाड़ा ने गलत तरीके से अवैध कब्जा किया. हमें नमाज पढ़ने नहीं दिया गया।

इससे पहले की बहस में धवन ने हिन्दू पक्षकारों की तरफ से पेश की गई दलील का जवाब देने की भी कोशिश की। हिन्दू पक्षकारों कि तरफ से कहा गया कि मस्जिद का जो ढांचा था, वहां मोर और कमल के फूल के निशान बने थे और ऐसा किसी मस्जिद में नहीं होता। इस पर धवन ने कहा कि इससे ये साबित नहीं होता कि वहां मंदिर था। कई ऐसे आर्किटेक्चर है जहां इस तरह की कलाकारी मुगल काल में की गई है।

हिन्दू पक्षकारों का कहना था कि बाबर आक्रमणकारी था और बाहर से आया था। इस पर धवन ने कहा कि अगर बाबर बाहरी था तो फिर ये भी बात उठेगी कि आर्य भी बाहर से भारत आए थे।

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