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झारखंड के रामगढ़ जिले में बीफ के शक में पीट-पीटकर अलीमुद्दीन की हत्या करने के मामले में रामगढ़ की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने बीजेपी नेता सहित सभी 11 गौरक्षकों को उम्र कैद की सज़ा सुनाई है.

भारतीय दंड संहिता की धारा (आईपीसी) 147, 148. 149, 421, 431, 302 व 102 के तहत सभी आरोपियों को दोषी पाया गया. कोर्ट ने बीते 16 मार्च को दीपक मिश्रा, छोटू वर्मा व संतोष सिंह को मुख्य अभियुक्त करार दिया था. साथ ही भाजपा नेता नित्यानंद महतो, विक्की साव, सिकंदर राम, कपिल ठाकुर, रोहित ठाकुर, राजू कुमार, विक्रम प्रसाद व उत्तम राम को भी दोषी करार दिया गया था.

बता दें कि अलीमुद्दीन को भगवा संगठनों के कार्यकर्ताओ ने जून 2017 में वैन से गोमांस ले जाने के शक पर बेरहमी से मारा था. जिससे उसकी मौत हो गई थी. साथ ही अलीमुद्दीन की वैन को भी आग के हवाले कर दिया था.

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अलीमुद्दीन की पत्नी मरियम खातून ने इस मामले में नामजद प्राथमिकी दर्ज करायी. बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के लोगों पर सुनियोजित तरीके से अलीमुद्दीन की हत्या करने का आरोप लगा. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की प्रतिदिन सुनवाई के लिए एडीजे द्वितीय आरबी पाल की अदालत में फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया गया. हाइकोर्ट की निगरानी में पूरे मामले की सुनवाई चली.

सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 19 गवाह प्रस्तुत किये, 59 दस्तावेज व 20 वस्तुएं कोर्ट में पेश की. रामगढ़ सीओ द्वारा तैयार सीडी की जांच केंद्रीय प्रयोगशाला चंडीगढ़ से करा कर उसे साक्ष्य के रूप में न्यायालय में प्रस्तुत किया गया. बचाव पक्ष ने भी एक गवाह को पेश किया.

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