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पिछले दिनों बिहार का अररिया राजनीतिक विवादों के कारण सुर्ख़ियों रहा. उप चुनाव को जीतने के लिए अररिया को आतंकिस्तान तक बता डाला. लेकिन अब उसी अररिया से देश को जीशान अली के रूप में इसरो का वैज्ञानिक मिला.

अररिया के दरभागिया का टोला के रहने वाले मोहम्मद जीशान अली ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान इसरो की परीक्षा में 10वी रैंक हासिल करके वैज्ञानिक बनने वाले है. इसरो की इस परीक्षा में पूरे भारत से 40 हज़ार छात्र छात्राओं ने अपनी किस्मत अजमाई थी. लिखित परीक्षा में सफल होने 300 लोगों मौखिक परीक्षा में हुए और इनमें से भी सिर्फ 35 लोगों को ही सफलता मिली.

मोहम्मद जीशान के पिता मोहम्मद जहीर अंसारी और माता नसरीन जेबा अपने बेटे की इस कामियाबी पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि अपनी मेहनत की बदौलत जीशान ने ना केवल जिले का बल्कि पूरे बिहार का नाम रौशन किया है. जिस पर हम लोगों को नाज है. जीशान की इस कामियाबी ने हम लोगों को गौरवान्वित होने का मौक़ा दिया है.

इंजीनियरिंग सर्विसेस की तैयारी करते इसरो में कामियाबी हासिल करने वाले मोहम्मद जीशान ने इसरो की परीक्षा मात्र 25 वर्ष की आयु में दी है. जीशान दो भाई एक बहन में सबसे छोटा है. जीशान ने 10वीं की परीक्षा वर्ष 2008 में मिथिला पब्लिक स्कूल से पास की और 12वीं की परीक्षा हमदर्द पब्लिक स्कूल नई दिल्ली से 2010 में पास की. 2015 में दिल्ली में इंजीनियरिंग की डिग्री ली.

जीशान ने बताया की 28 मार्च को अपना पदभार ग्रहण करेंगे. जीशान की ये कामयाबी उन लोगों के मुंह पर करार तमाचा हैं जो अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए किसी को भी आतंकी बता देते है.

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