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भारत के अब तक के सबसे भारी-भरकम उपग्रह ‘जीसैट-11’ को सफलतापूर्वक लॉन्च करने के बाद भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने अपने संचार उपग्रह जीएसएलवी-एफ11/जीसैट-7ए से जुड़े मिशन के लिए 26 घंटे तक चलने वाला काउंटडाउन शुरू कर दिया है।

यह सेटेलाइट बुधवार दोपहर 2:10 बजे श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर से लॉन्च किया जाएगा। इस सेटेलाइट से इंटरनेट की स्पीड 100 गीगाबाइट तक होने की उम्मीद है। इसरो द्वारा निर्मित जीसैट-7ए का वजन 2,250 किलोग्राम है। जीसैट-7ए का निर्माण भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने किया है और इसका जीवन 8 साल है।

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इसरो ने कहा, ‘श्रीहरिकोटा में सतीश धवन स्पेस सेंटर में जीएसएलवी-एफ 11 के जरिये संचार उपग्रह जीसैट-7ए को लॉन्च करने के लिए 26 घंटे की उल्टी गिनती दोपहर दो बजकर 10 मिनट (भारतीय समयानुसार) पर शुरू हुई। इसकी लॉन्चिंग बुधवार शाम चार बजकर 10 मिनट तय की है।’

जीएसएलवी-एफ11 की यह 13वीं उड़ान होगी और 7वीं बार यह स्वदेशी क्रायोनिक इंजन के साथ लॉन्च होगा। यह कू-बैंड में संचार की सुविधा उपलब्ध करवाएगा। इसरो का यह 39वां संचार उपग्रह होगा। इसे खासकर भारतीय वायुसेना को बेहतर संचार सेवा देने के उद्देश्य से लॉन्च किया जा रहा है।

बता दें कि इसरो ने पांच दिसंबर को यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी एरियानेस्पेस के फ्रेंच गुआना से संचाल सेटेलाइट जीसैट-11 के सफल प्रक्षेपण के बाद ही अपनी 35वीं संचार सेटेलाइट ‘जीसैट-7ए’ के प्रक्षेपण की घोषणा कर दी थी।

वर्तमान में प्रचलनात्म क संचार उपग्रह हैं इन्सैट-3ए, इन्सैट-3सी, इन्सैट-3ई, इन्सैट-4ए, इन्सैट-4बी, इन्सैट-4सीआर, जीसैट-6, जीसैट-7, जीसैट-8, जीसैट-9, जीसैट-10, जीसैट-12, जीसैट-14, जीसैट-15, जीसैट-16 व जीसैट-18। सी, विस्तासरित सी. तथा केयू बैण्डोंग में 200 से ज्यादा ट्रांसपाउंडर्स सहित यह प्रणाली दूर संचार, दूरदर्शन, प्रसारण, उपग्रह समाचार संग्रहरण, सामाजिक अनुप्रयोग, मौसम पूर्वानुमान, आपदा चेतावनी तथा खोज और बचाव कार्यों में सेवाएं दे रही हैं।

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