babri masjid

babri masjid

बाबरी मस्जिद के मुख्य पक्षकार हाशिम अंसारी के बेटे इकबाल अंसारी ने आर्ट ऑफ़ लिविंग के संस्थापक श्रीश्री रविशंकर की अयोध्या विवाद में एंट्री को एक राजनितिक स्टंट करार दिया.

न्यूज़18 से  बातचीत में इकबाल अंसारी ने कहा कि श्रीश्री का अयोध्या में स्वागत है, लेकिन इस विवाद पर सुलह की कोई गुंजाईश ही नहीं बची है. उन्होंने कहा ये सबकुछ आने वाले चुनावों को ध्यान में रख कर किया जा रहा है.

उन्होंने कहा, “जब इलेक्शन आता है तो सुलह-समझौते की कोशिश शुरू हो जाती है. अब श्रीश्री को भी इलेक्शन के समय पर भगवान राम की याद आई है. अब वे आएं और मिले. फिर हमलोग भी देखते हैं वे सुलह समझौते का कैसा फार्मूला लेकर आए हैं. उनके आने के बाद ही तय करेंगे की उनका फार्मूला कैसा है.”

अंसारी ने कहा, “जब कहीं पर सुलह समझौते की बात आती है. तो इस पर सही तरीके से ये लोग सुलह की बात नहीं करते हैं. ये मुक़दमा को हटाने की बात करते हैं. अगर हमें अयोध्या छोड़कर मस्जिद बनानी है, तो इसमें सुलह समझौता रह कहां गया? फिर तो हम लोग सुप्रीम कोर्ट पर निर्भर हैं. कोर्ट चाहे जो करे.”

इकबाल ने कहा, “ यह मुद्दा कोर्ट से बाहर सुलझ ही नहीं सकता. यह मुद्दा सुलझने वाला नहीं है और न ही कोई सुलझाने वाला आता है और न ही आएगा. लोग राजनीति करने के लिए और चुनाव से पहले अपनी राजनैतिक रोटियां सेंकने के लिए इस मुद्दे को गरमा देते हैं. लोग राजनीति के लिए रामजन्मभूमि का मुद्दा उठाते हैं. यह राजनीति का सबसे बड़ा मुद्दा है.”

मुस्लिम परिवार शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें

Loading...

विदेशों में धूम मचा रहा यह एंड्राइड गेम क्या आपने इनस्टॉल किया ?