नई दिल्ली | केन्द्रीय कपडा मंत्री स्मृति ईरानी की मुश्किलें कम होने का नाम नही ले रही है. चुनाव के दौरान भरे नामांकन में गलत शैक्षिक जानकारी देने का आरोप झेल रही स्मृति ईरानी को CIC ने झटका देते हुए उनके 10वी व् 12वी के रिकॉर्ड की जांच करने के आदेश दिए है. इसके अलावा दिल्ली यूनिवर्सिटी ने एक बड़ा खुलासा करते हुए कहा है की स्मृति ईरानी ने आरटीआई के तहत उनकी शैक्षिक जानकारी मुहैया न कराने का निर्देश दिया था.

सूचना आयुक्त श्रीधर आचार्यालू ने बुधवार को कपडा मंत्रालय और दिल्ली के होली चाइल्ड ऑक्जिलियम स्कूल स्कूल को स्मृति ईरानी के 10वी 12वी के रोल नम्बर या रिफरेन्स नम्बर CBSE अजमेर को देने के निर्देश दिए थे , जिससे की उनके शैक्षिक रिकॉर्ड की जांच की जा सकते. CBSE अजमेर के पास 1991 से लेकर 1993 तक के रिकार्ड्स मौजूद है.

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अपने आदेश में सूचना आयुक्त ने कहा था की अगर कोई जनप्रतिनिधि अपने शैक्षिक रिकार्ड्स की घोषणा करता है तो मतदाता को इसकी जांच करने का अधिकार है. सूचना आयुक्त ने CBSE की उस दलील को भी ख़ारिज कर दिया जिसमे कहा गया थे की यह निजी सूचना है. उधर इस पुरे मामले पर कपडा मंत्री स्मृति ईरानी ने अपनी चुप्पी तोड़ी है.

बुधवार को दिल्ली में पत्रकारो के साथ बातचीत में उन्होंने कहा की लोग उनके नर्सरी के रिकॉर्ड मांगने के लिए भी स्वतंत्र है. इस पुरे मामले ने तब एक दिलचस्प मोड़ ले लिया जब दिल्ली यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ़ ओपन लर्निंग ने सूचना आयुक्त के सामने यह बताया की खुद स्मृति ईरानी ने उन्हें आरटीआई के अंतर्गत कोई भी जानकारी मुहैया न कराने का आदेश दिया था. मालूम हो की स्मृति ईरानी पहले मानव संसाधन मंत्रालय का कार्यभार देख रही थी.

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