श्रीनगर | जम्मू कश्मीर में हालात बद से बदतर होते जा रहे है. खासकर दक्षिणी कश्मीर में हालात और भी ख़राब है. यहाँ आतंकियों को खुले आम हथियारों के साथ घूमते हुए देखा जा सकता है. आतंकी बुरहान वाणी की मौत के बाद घाटी में एक बार फिर हिंसक प्रदर्शन हो रहे है. अभी हाल में ही हुए लोकसभा उप चुनावो में भी बड़े पैमाने पर हिंसा हुई है.

घाटी के बदतर होते हालातो पर चर्चा करने के लिए आज मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने कैबिनेट की बैठक बुलाई है. उधर सभी स्कूलों और कॉलेजों में इन्टरनेट पर पाबन्दी लगा दी गयी है. फिलहाल राज्य सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती स्थानीय लोगो के विश्वास को दोबारा जीतने की है. खबरों के अनुसार आतंकियों को स्थानीय लोगो का भी समर्थन मिल रहा है.

मिरर से बातचीत करते हुए एक टॉप पुलिस अधिकारी ने बताया की लोगो का शासन और व्यवस्था से विश्वास उठ गया है. इसी वजह से आतंकियों को इनका भरपूर समर्थन भी मिल रहा है. दक्षिणी कश्मीर के शौपिया में हालात और भी ख़राब है. यहाँ आतंकी हथियारों के साथ खुले आम सड़क पर घूम रहे है. इसके अलावा  कुलगाम, पुलवामा और अवंतीपोरा में कुछ ऐसी ही स्थिति है.

मिरर के पास आतंकियों की हथियारों के साथ खुला घुमने की कुछ तस्वीरे और विडियो भी मौजूद है. अभी हाल ही में शोपियां के एक बाग में काफी आतंकी एके-47 रायफल के साथ नजर आये. बताया जा रहा है की इन सभी आतंकियों का सम्बन्ध लश्कर और हिजबुल जैसे आतंकी संगठनों से है. ये लोग फ़िलहाल दक्षिणी कश्मीर में लोगो के छोटे छोटे समूहों को आन्दोलन से जुड़ने के लिए प्रेरित कर रहे है और अलगावादियों की मुहीम का साथ देने की अपील कर रहे है.

यही नही सोशल मीडिया के जरिये भी लोगो को आतंकी गुटों के साथ जुड़ने की अपील की जा रही है. इसका असर भी देखने को मिल रहा है. इसकी बानगी हाल ही में सुरक्षाबलो और आतंकियों के बीच हुई मुठभेड़ के दौरान देखने को मिला. यहाँ स्थानियों लोगो ने आतंकियों के समर्थन में सुरक्षाबलो पर पथराव कर आतंकियों को बचने में उनकी मदद की थी. फ़िलहाल घाटी के हालातो पर चिंता जताते हुए पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुला ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की है.

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