justice k g balakrishnan

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अलीगढ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के संस्थापक सर सैयद अहमद खान को आधुनिक भारत का निर्माता करार देते हुए पूर्व प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति के जी बालाकृष्णन ने कहा कि आज सर सैयद के मिशन को आगे ले जाने की है जरूरत है.

उन्होंने कहा कि शिक्षा के माध्यम से ही बेहतर समाज का निर्माण किया जा सकता है. बालाकृष्णन ने कहा कि आजादी के बाद शिक्षा को अपेक्षित अहमियत नहीं दी गई और उसे मौलिक अधिकार भी नहीं बनाया गया. इसे नीति निर्देशक तत्वों में रखा गया था और बहुत बाद में इसे मौलिक अधिकार बनाया गया.

इस्लामिक कल्चरल सेंटर में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा, सर सैयद अहमद अन्य की तरह ही आधुनिक भारत के निर्माता थे. उनके मिशन को आगे नहीं बढ़ाया गया. उनके मिशन को किस प्रकार से आगे ले जाया जाए इस पर विचार करना चाहिए और इस मिशन को आगे ले जाना चाहिए.

बालाकृष्णन ने कहा, उनके मिशन को आगे ले जाने के लिए छात्रावास, कॉलेजों और स्कूलों का निर्माण करके शिक्षा व्यवस्था तैयार करनी चाहिए. उन्होंने कहा, शिक्षा के माध्यम से हमें न केवल रोजगार मिल सकता है बल्कि समाज का भी विकास होता है.

पटना उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश और पंजाब राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति इकबाल ए अंसारी ने कहा, सर सैयद अहमद सिर्फ एक मुस्लिम विद्वान ही नहीं थे बल्कि वह यह अच्छी तरह जानते थे कि राष्ट्र का अस्तित्व कैसे रह सकता है और इसी सोच को उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम विविद्यालय के रूप में दिखाया है.

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