Tuesday, June 22, 2021

 

 

 

सिख संत बाबा राम सिंह ने किसानों के समर्थन में खुद को मार की खुदखुशी

- Advertisement -
- Advertisement -

कृषि कानूनों को रद्द करवाने की मांग को लेकर सिंघु बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसानों के समर्थन में धरने में शामिल संत बाबा राम सिंह ने खुद को गोली मार कर आत्महत्या कर ली। संत बाबा रामसिंह सिंगड़ा वाले बाबा जी के नाम से प्रसिद्ध थे।

उन्होने एक सुसाइड नोट भी छोड़ा है, जिसमें उन्होंने कहा है कि वह किसानों की दुर्दशा को देख नहीं सकते। उन्होंने लिखा, “किसानों का दुख देखा है अपने हक के लिए सड़कों पर उन्हें देखकर मुझे दुख हुआ है। सरकार इन्हें न्याय नहीं दे रही है जो कि जुल्म है जो जुल्म करता है वह पापी है जुल्म सहना भी पाप है किसी ने किसानों के हक के लिए तो किसी ने जुल्म के खिलाफ कुछ किया है। किसी ने पुरस्कार वापस करके अपना गुस्सा जताया है किसानों के हक के लिए, सरकारी जुल्म के गुस्से के बीच सेवादार आत्मदाह करता है यह जुल्म के खिलाफ आवाज है यह किसानों के हक के लिए आवाज है वाहे गुरु जी का खालसा, वाहे गुरुजी की फतेह।”

संत बाबा राम सिंह की खुदकुशी पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दुख जताया है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की क्रूरता हर हद पार कर चुकी है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने ट्वीट कर कहा, ”करनाल के संत बाबा राम सिंह जी ने कुंडली बॉर्डर पर किसानों की दुर्दशा देखकर आत्महत्या कर ली। इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएँ और श्रद्धांजलि।” उन्होंने आगे कहा, ”कई किसान अपने जीवन की आहुति दे चुके हैं। मोदी सरकार की क्रूरता हर हद पार कर चुकी है। ज़िद छोड़ो और तुरंत कृषि विरोधी क़ानून वापस लो!”

बता दें कि कृषि कानूनों के खिलाफ 21 दिनों से दिल्ली के बॉर्डर पर किसान प्रदर्शन कर रहे हैं। कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन के कारण अभी तक कई किसान अपनी जान गंवा चुके हैं। सोमवार को दो, मंगलवार को एक किसान और अब बुधवार को संत बाबा राम सिंह की मौत हुई है। वहीं सरकार और किसानों में कई दौर की वार्ता हो चुकी। सभी बेनतीजा रहीं। किसान तीनों कानूनों को रद्द करने की मांग पर अड़े हैं। वहीं, सरकार संशोधन करने को तैयार है, लेकिन किसान इस प्रस्ताव को ठुकरा रहे हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles