ईद-उल-फ़ित्र नमाज़ से पहले सिख समुदाय के लोगों ने रविवार को दिल्ली की जामा मस्जिद को कोरोना संकट के बीच सेनेटाइज़ किया।

परमिंदर सिंह ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “हम सिर्फ मस्जिद ही नहीं बल्कि चर्च और मंदिरों की भी सफाई कर रहे हैं।” उन्होने कहा, “हम धार्मिक आधार पर भेदभाव नहीं करते हैं। जब हम अपनी पवित्र पुस्तक, गुरु ग्रंथ साहिब के साथ चलते हैं, तो सभी धर्म और उनके अनुयायी हमारे लिए समान हैं। हमारी पवित्र पुस्तक में लिखा गया है कि हम सभी ईश्वर की रचना हैं। हम मंदिरों और चर्चों को भी पवित्र कर रहे हैं। सिंह पिछले 50-60 दिनों से काम कर रहे हैं।

दिल्ली की जामा मस्जिद के शाही इमाम, अहमद शाह बुखारी ने कहा कि राष्ट्र में यह समय की जरूरत है कि लोग एक-दूसरे का ख्याल रखें। शाही इमाम ने कहा, “जिस तरह से सिख समुदाय के लोगों ने जामा मस्जिद को पवित्र किया वह इस राष्ट्र की सुंदरता है। कोरोनोवायरस के खिलाफ लड़ाई के बीच, एक दूसरे की मदद करना बहुत महत्वपूर्ण है। मुझे आशा है कि राष्ट्र की यह सुंदरता बनी रहेगी।”

भारत में सोमवार को ईद-उल-फितर मनाई जाएगी। सिर्फ दिल्ली में ही नहीं बल्कि कोरोनोवायरस के खिलाफ लड़ाई के बीच, देश भर से तस्वीरें सामने आई हैं जहां लोग बिना किसी भेदभाव के एक-दूसरे की मदद कर रहे है।

जम्मू में श्री माता वैष्णो देवी श्राइन रमजान के पवित्र महीने के दौरान सेहरी और इफ्तारी परोस रही हैं, जो लगभग 500 मुसलमानों को आश्रय भवन में दिया गया था क्योंकि यह एक संगरोध केंद्र में परिवर्तित हो गया था।

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