Tuesday, October 26, 2021

 

 

 

दुखद: नही रहे सियाचीन के जांबाज हनुमंथप्पा

- Advertisement -
- Advertisement -

नई दिल्ली। सियाचिन में मौत को मात देकर लौटे हनुमंथप्पा आखिर जिंदगी की जंग हार गए। दिल्ली के रिसर्च एंड रेफरल अस्पताल में हनुमंथप्पा का निधन हो गया।  उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। सीटी स्कैन से पता चला था कि उनके मस्तिष्क को ऑक्सीजन की सप्लाई पर गहरा असर पड़ा है। उनके शरीर के तमाम अंगों ने काम करना बंद कर दिया था। हनुमंथप्पा 6 दिन तक बर्फ में दबे रहे थे जबकि उनके बाकी 9 साथियों को बचाया नहीं जा सका था।

उनके दोनों फेफड़ों में न्यूमोनिया का संक्रमण था। शरीर के कई अंग अभी भी सही तरीके से काम नहीं कर रहे थे। तमाम कोशिशों और दवाओं के बावजूद हनुमंथप्पा अलविदा कह गए। सियाचिन में 35 फीट बर्फ में 6 दिन तक दबे रहने के बाद सोमवार को लांसनायक हनुमंथप्पा को निकाला गया था। हनुमंथप्पा की सलामती के लिए पूरे देश ने अपने-अपने तरीके से दुआएं की थीं।  उनकी सलामती के लिए कहीं हवन हुए तो लखनऊ की ईदगाह में उनके लिए नमाज अदा की गई। जयपुर में महाआरती का आयोजन हुआ।

सियाचिन में मौत को मात देकर लौटे हनुमंथप्पा आखिर जिंदगी की जंग हार गए। दिल्ली के रिसर्च एंड रेफरल अस्पताल में हनुमंथप्पा का निधन हो गया।
मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर में भी सियाचिन के शेर के लिए खास पूजा की गई। इस मुहिम में डिब्बावाले भी जुड़े। सबने उनकी लंबी उम्र की कामना की। जो जवान देश के लिए जान गवां बैठे हैं उनकी आत्मा की शांति के लिए और जो बच गया है उसको लंबी उम्र दें, इसके लिए प्रार्थना की गई।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles