shuu

राइजिंग कश्मीर अखबार के एडिटर और वरिष्ठ पत्रकार शुजात बुखारी को आज यानि शुक्रवार सुबह सुपुर्द-ए-ख़ाक किया गया। उनकी कुछ अज्ञात बंदूकधारियों ने गुरुवार शाम को दफ्तर से घर जाते वक्त गोली मारकर हत्या कर दी थी।

ये हमला उस वक्त हुआ जब दिल्ली के कुछ पत्रकारों ने उन पर कश्मीर को लेकर ‘पक्षपातपूर्ण रिपोर्टिंग’ करने आरोप लगाया था। उन्होंने घाटी में मानवाधिकार उल्लंघन पर संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट ट्वीटर पर पोस्ट की थी।

भारी बारिश के बावजूद बारामूला जिले के इस गांव में हजारों लोग नम आंखों से बुखारी के जनाजे के साथ-साथ चल रहे थे। उनके जनाजे मे जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और मौजूदा मंत्री नईम अख़्तर और तसद्दुक हुसैन मुफ़्ती भी शामिल हुए।

बुखारी की ह्त्या के पीछे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का हाथ बताया जा रहा है। दावा किया जा रहा कि आईएसआई ने कश्मीर हॉस्पिटल से फरार आतंकी नावेद जट का इस्तेमाल किया। लश्कर आतंकी नावेद जट पिछले दिनों श्रीनगर के अस्पताल से फरार हो गया था। पुलिस ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है।

हालांकि लश्कर ने शुजात बुखारी की हत्या की निंदा की है लेकिन सुरक्षा एजेंसियां मानती हैं कि ये आतंकी संगठन की रणनीति का हिस्सा हो सकता है। जम्मू कश्मीर पुलिस ने कुछ बाइक सवार की तस्वीर जारी की है। जो उनकी ह्त्या से जुड़े हो सकते है।

बता दें कि शुजात ने मनीला की अटेनो डे मनीला यूनिवर्सिटी से सिंगापुर की एशियन सेंटर फॉर जर्नलिज्म की फेलोशिप पर पत्रकारिता में स्नातकोत्तर की पढ़ाई की थी।बुखारी को अमेरिका की विश्व प्रेस संस्थान और सिंगापुर की एशियन सेंटर फॉर जर्नलिज्म के अलावा हवाई के ईस्ट वेस्ट सेंटर से भी फेलोशिप मिली थी।

मुस्लिम परिवार शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें

Loading...

विदेशों में धूम मचा रहा यह एंड्राइड गेम क्या आपने इनस्टॉल किया ?