ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले के राउरकेला निवासी शोएब आफताब ने जो कहा था वह कर दिखाया है। नीट (नेशनल एलिजिबिलिटी कम इंट्रेंस टेस्ट) में 720 में 720 अंक लाकर उन्होने इतिहास रच दिया। शोएब आफताब देश के पहले ऐसे टॉपर बने है। जिसने पूरे में से पूरे अंक हासिल किए है।

हालांकि उन्होने रिजल्ट आने से पहले ही OMR शीट के आधार पर घोषणा कर दी थी कि वह पूरे में से पूरे अंक लाकर टॉप करने जा रहे है। रिजल्ट आने पर उनका ये दावा सच भी साबित हुआ। शोएब आफताब ने पहले ही प्रयास में 720 में से 720 अंक हासिल कर ना सिर्फ अपना साथ ही अपने परिवार का भी नाम रोशन किया।

कोटा में ही पीजी में रहते हुए शोएब में मेडिकल की पढ़ाई शुरू की। शोएब बचपन से ही पढ़ाई में काफी इंटेलिजेंट रहे दसवीं क्लास में शोएब ने 96.8 फीसदी अंक प्राप्त किए, तो वहीं 12वीं क्लास में 95.8 फीसदी अंक हासिल कर नाम रोशन किया। केवीपीवाई में ऑल इंडिया 37वीं रैंक भी रही।

23 मई 2002 को जन्म शोएब के पिता शेख मोहम्मद बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन का काम करते हैं और बीकॉम तक पढ़ाई की है, तो वहीं मां सुल्ताना रजिया ग्रहणी है और BA पास है। दादा बेकरी चलाते थे। बचपन से ही रुचि साइंस में थी और मेडिकल क्षेत्र में जाना चाहते थे। शोएब अपने परिवार में पहले व्यक्ति हैं जो मेडिकल की पढ़ाई करके डॉक्टर बनेंगे।

शोएब एम्स से एमबीबीएस करने के बाद का कार्डियोलॉजी में स्पेशलिस्ट बनना चाहते हैं। इसके साथ ही ऐसी बीमारियों का इलाज ढूंढना लक्ष्य है जिनका इलाज अभी तक उपलब्ध नहीं है। शोएब बायोलॉजी के साथ-साथ मैथ में भी काफी इंटेलिजेंट है। अपनी फिजिक्स केमिस्ट्री स्ट्रांग करने के लिए शोएब ने जेईई मेंस की परीक्षा दी। परीक्षा में शोएब ने 99.7 परसेंटाइल हासिल की।

शोएब ने कहा कि मेरी सफलता का राज यह है कि मैंने दिन रात पढ़ाई की और कड़ी मेहनत के बूते पर यह मुकाम हासिल किया। हालांकि कोटा में रहकर कोचिंग प्राप्त करने में मेरे संस्थान एलन का भी योगदान रहा। जब कोरोना महामारी के कारण लॉकडाउन की स्थिति कोटा में भी आई तब सैकड़ों छात्र अपने घर रवाना हो गए लेकिन मैंने ऐसा नहीं किया। मैं राउरकेला में अपने घर नहीं गया।

शोएब के अनुसार चूंकि मेरी मां और बहन भी कोटा में मेरे साथ थी लिहाजा कोई दिक्कत नहीं हुई। मेरे परिवार ने हमेशा मेरा उत्साह बढ़ाया। यही कारण है कि जब परिणाम सामने आए तो मैंने 100 प्रतिशत अंक हासिल किए। मुझे 720 में पूरे 720 अंक मिले। मुझे खुशी है कि दिल्ली की आकांक्षा ने भी मेरे बराबर ही अंक प्राप्त किए।

Loading...
विज्ञापन
अपने 2-3 वर्ष के शिशु के लिए अल्फाबेट, नंबर एंड्राइड गेम इनस्टॉल करें Kids Piano