humayuns tomb ili 48 img 1

humayuns tomb ili 48 img 1

नई दिल्ली | मुगल बादशाहो द्वारा बनायी गयी कई एतिहासिक इमारतो के ऊपर चल रहे विवाद के बीच शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने हुमांयू मकबरे को तोड़ने की मांग की है. उनका कहना है की हुमांयू के मकबरे को तोड़कर वहां कब्रिस्तान बना दिया जाए. इस मामले में शिया वक्फ बोर्ड ने प्रधानमंत्री मोदी को एक चिट्टी भी लिखी है. मालूम हो की ताजमहल को लेकर पहले ही विवाद चल रहा है. ऐसे में शिया बोर्ड का यह ख़त एक नया विवाद पैदा कर सकता है.

दरअसल शिया वक्फ बोर्ड को आल इंडिया राबता-ए-मस्जिद और मदारिस-ए-इस्‍लामिया ने एक पत्र लिखकर दिल्ली में उत्पन कब्रिस्तान की समस्या से रुबुरु कराया था. इस पत्र में उन्होंने लिखा था की दिल्ली में मौजूद पुराने कब्रिस्तानो में अब शव दफानाने की जगह नही बची है. इन कब्रिस्तानो में इतनी भी जगह नही है की किसी कब्र का निर्माण किया जा सके. इसलिए यह एक बड़ी समस्या बन चुकी है.

आल इंडिया राबता-ए-मस्जिद और मदारिस-ए-इस्‍लामिया ने शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड से मांग की थी की वो दिल्ली के आसपास के इलाको में वक्फ की किसी जमीन को कब्रिस्तान के लिए मुहैया कराये. प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी ने कहा की हमने आसपास के इलाको में वक्फ की जमीन की तलाश की थी लेकिन हमें ऐसी कोई जमीन नही मिली है जिसका इस्तेमाल कब्रिस्तान के लिए किया जा सके.

रिजवी ने पत्र में आगे लिखा की इसलिए हमारा सुझाव है की हुमांयू के मकबरे को ,जिसमे हुमांयू की कब्र है जिसकी वजह से वह कब्रिस्तान की श्रेणी में आता है, को तोड़कर वहां कब्रिस्तान बना दिया जाये. यह करीब 35 एकड़ में फैला है. ऐसा करने के बाद दिल्ली में रहने वाले लाखो मुसलमानों की समस्या का हल हो सकता है. इस पत्र में रिजवी ने मुगलों को लुटेरा करार देते हुए लिखा की उ’मुगल दूसरे देशों से भारत को लूटने आए थे, जिन्‍होंने भारत में आकर भारतीय राजाओं से उनके राज्‍यों को छीना और उनको लूट कर यहां के बादशाह बन गए.

मुस्लिम परिवार शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें

Loading...

विदेशों में धूम मचा रहा यह एंड्राइड गेम क्या आपने इनस्टॉल किया ?