लखनऊ | पुरे देश में ट्रिपल तलाक और गौहत्या पर बैन लगाने को लेकर बहस छिड़ी हुई है. कुछ मुस्लिम महिलाओं ने सुप्रीम कोर्ट में ट्रिपल तलाक के विरोध में याचिका दायर की हुई है. जिस पर कोर्ट सुनवाई कर रहा है. इसी बीच मोदी सरकार ने अदालत में अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा है की वो ट्रिपल तलाक पर प्रतिबंध लगने के पक्ष में है. उधर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने सरकार का विरोध किया है.

आल इंडिया मुस्लिम लॉ बोर्ड की दलील है की ट्रिपल तलाक पर प्रतिबंध लगाना उनके धार्मिक मामलो में दखल है. उनके अनुसार ट्रिपल तलाक शरियत कानून के हिसाब से लागु होता है. इसलिए इस पर कोर्ट दखल नही दे सकती. लेकिन कुछ मुस्लिम संगठन ऐसे भी है जो ट्रिपल तलाक पर बैन लगने के फेवर में है. वो चाहते है की इसके खिलाफ कानून बनाए जाए.

आल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड तीन तलाक पर बैन के पक्ष में है. बुधवार को लखनऊ में हुई एक बैठक में शिया बोर्ड ने तीन तलाक पर प्रतिबंध लगाने का समर्थन किया. उनका मानना है की इसके खिलाफ कानून बनाये जाने की जरुरत है. इसके अलावा शिया बोर्ड ने महिलायों के अधिकारों की रक्षा के लिए एक कमिटी के गठन की भी मांग की. उन्होंने कहा की सच्चर कमिटी जैसे एक कमिटी महिला अधिकारों के लिए भी बननी चाहिए.

ट्रिपल तलाक ही नही शिया पर्सनल बोर्ड ने गौहत्या पर भी प्रतिबंध लगाने की मांग की. राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट की सलाह पर प्रतिक्रिया देते हुए बोर्ड ने कहा की राम मंदिर विवाद का हल बातचीत के जरिये ही निकलना चाहिए. बोर्ड का मानना है की यह आस्था का विषय है इसलिए आपसी समझौते से इसका हल निकलना चाहिए. बताते चले की सुप्रीम कोर्ट दोनों पक्षकारो को बातचीत के जरिये राम मंदिर विवाद सुलझाने की सलाह पहले ही दे चूका है.

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