अयोध्या में बाबरी मसजिद के स्थान पर राम मंदिर बनाने का समर्थन करते हुए शिया वक्फ बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया है.

शिया वक्‍फ बोर्ड की तरफ से दायर हलफनामे में बोर्ड ने बाबरी मस्जिद पर भी अपना हक हटाया और कहा, 2010 में आए इलाहाबाद उच्‍च न्‍यायालय के फैसले के अनुसार जमीन के एक तिहाई हिस्से पर हक उनका है न कि सुन्नी वफ्फ बोर्ड का. बोर्ड की तरफ से दावा किया गया है कि बाबरी मस्जिद को मीर बांकी ने बनवाई था.

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साथ ही हलफनामे में दावा किया गया कि अगर उन्हें मस्जिद बनाने के लिए दूसरी जगह दे दी जाए तो वे अपना जमीन पर से दावा छोड़ने के लिए भी तैयार है. बोर्ड ने यह भी कहा कि साल 1946 तक बाबरी मस्जिद उनके पास थी. अंग्रेजों ने गलत कानून प्रक्रिया से इसे सुन्नी वक्फ बोर्ड को दे दिया था.

बाबरी एक्शन कमिटी के चेयरमैन जफरयाब गिलानी ने कहा है कि ये सिर्फ एक हलफनामा है, कानून में इसके लिए कोई जगह नहीं है.

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