Thursday, June 17, 2021

 

 

 

शिया उलेमाओं का ऐलान – वसीम रिजवी के लिए नहीं देंगे दफ़न की जमीन, नहीं पढ़ाएंगे जनाजे की नमाज

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कुरान मजीद से 26 आयतों को हटाने और खुलफ़ा ए राशिदीन के खिलाफ आपत्तिजनक बयान देने वाले उत्तर प्रदेश शिया वक़्फ़ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष वसीम रिज़वी (Waseem Rizvi) को शिया उलेमाओं ने इस्लाम से ख़ारिज करते हुए ऐलान किया कि मुल्क के किसी भी क़ब्रिस्तान में न तो उसे दफन होने दिया जायेगा और न ही मुल्क का कोई मौलाना उसकी जनाज़े की नमाज़ पढ़ायेगा।

लखनऊ में आज मौलाना कल्बे जव्वाद के आह्वान पर हुए सम्मेलन में कहा गया कि वसीम रिज़वी का क़ुरआन के बारे में ऐसी याचिका दाखिल करने का मक़सद हिन्दू लोगों की नज़रों में मुसलमानों को घृणा का पात्र बनाना है ताकि समाज में हिन्दू-मुस्लिम नफरत और बड़ी हो सके। सीम इस ध्रुवीकरण से अपने राजनीतिक आकाओं को चुनावी फायदा पहुंचना चाहते हैं।

सम्मेलन में शिया मौलाना कल्बे जव्वाद ने कहा कि वसीम शिया मुसलमान हैं लेकिन इस मुद्दे पर देश का हर शिया मुसलमान उनके खिलाफ खड़ा है। उन्होंने कहा कि वो दुनिया के दो सबसे बड़े शिया मौलानाओं , इराक़ में मौलाना अयातोल्लाह सीस्तानी और ईरान में मौलाना अयातोल्लाह ख़ामेनेई तक वसीम की बात पहुंचाएंगे और कुरान से 26 आयतें निकालने की मांग पर उनसे फतवा ले जाएंगे, ताकि वसीम को यह पता चल जाए कि दुनिया में शियाओं का सबसे बड़ा धार्मिक नेतृत्व इस बेवकूफी भरे मांग पर क्या राय रखता है।

मौलाना कल्बे जव्वाद ने कहा कि वसीम मुस्लिम विरोधी बातें प्रचार पाने के लिए करते हैं, जिसे नज़रंदाज़ करना चाहिए लेकिन एक शिया मौलाना होने के नाते उनका इस मसले पर आवाज़ उठाना इसलिए भी ज़रूरी है ताकि सुन्नी भाइयों को यकीन हो सके कि कोई शिया वसीम के साथ नहीं है।

मौलाना जव्वाद ने कहा कि वसीम कुरान के अपमान का दोषी और पैगम्बरे इस्लाम मोहम्मद सल्ल. की सुन्नत के लिहाज से ऐसा इंसान मुसलमान नही हो सकता, इसलिये वसीम अब किसी भी मुस्लिम संगठन और बोर्ड का सदस्य नहीं बन सकता। उन्होंने कहा कि भारत सरकार को इस बिन्दु पर ध्यान केन्द्रित करना चाहिये। अब उसे किसी भी मुस्लिम संस्थान में नहीं लाया जा सकता है। मौलाना ने कहा सरकार अगर उसे गिरफ्तार नहीं करती है तो समझा जाएगा कि सरकार भी उसका समर्थन कर रही है। उन्होंने कहा कि जब तक वसीम की गिरफ्तारी नहीं होगी आंदोलन जारी रहेगा।

वसीम को दीन से खारिज व बहिष्कृत करने के एलान के बाद नाराज लोगों ने रविवार शाम को कर्बला तालकटोरा स्थित वसीम रिजवी की हयाती कब्र का पत्थर तोड़ दिया। वसीम ने अपनी जिंदगी में ही कर्बला तालकटोरा में अपनी हयाती कब्र की जगह ली थी।

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