योगी पर भड़के शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती – ‘हनुमान जी को दलित कहना अपराध’

6:29 pm Published by:-Hindi News

जयपुर। उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  मंगलवार को हनुमान जी को दलित और पिछड़ी जाति का बताया था। ऐसे में अब उनके खिलाफ सर्व ब्राह्मण महासभा पहले ही मोर्चा खोल चुकी है। महासभा ने कानूनी कार्रवाई की चेतावनी देते हुए योगी से माफी मांगने की मांग की है।

इस मामले में अब शारदा पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि हनुमान जी को दलित कहना अपराध है। मुख्यमंत्री का यह बयान बेहद दुखद है।

उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म में दलित शब्द है ही नहीं। यह शब्द मानवों का गढ़ा हुआ है, जिसका अर्थ होता है पीड़ित या सताया हुआ। हनुमान भगवान शंकर के अवतार हैं। हनुमान कब और कहां पीड़ित, शोषित दिखते हैं? जिसके नेतृत्व में वानरी सेना ने रावण की सेना को पराजित किया हो, वह दलित कैसे हो सकता है? उनके पास कोई काम है नहीं, ऐसे में लोगों को भ्रमित करने के लिए इसी तरह का अनाप-शनाप बयान देते रहते हैंं।

गौरतलब है कि अलवर जिले के मालाखेड़ा में एक सभा को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने बजरंगबली को दलित, वनवासी, गिरवासी और वंचित करार दिया था। योगी ने कहा कि बजरंगबली एक ऐसे लोक देवता हैं जो स्वयं वनवासी हैं, गिर वासी हैं, दलित हैं और वंचित हैं।

वहीं सर्व ब्राह्मण समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेश मिश्रा ने अपने वकील के जरिए भेजे नोटिस में योगी से इस मामले में माफी मांगने को कहा है। 3 दिन में ऐसा नहीं करने पर कानूनी कार्रवाई की धमकी दी भी है।

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