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लखनऊ  चुनाव आयोग ने कैराना में इसी साल 28 मई को हुए लोकसभा उपुचनाव में काउंटिंग और टेबुलेशन में धांधली को लेकर मंगलवार को शामली के जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह को हटा दिया गया है।

आयोग ने गलती को गंभीरता से लेते हुए 2009 बैच के आईएएस अफसर को चेतावनी जारी करने के निर्देश भी यूपी सरकार को दिए हैं। आयोग के निर्देश पर इंद्र विक्रम सिंह की जगह स्थानीय निकाय के निदेशक को शामली का डीएम बनाया गया है।

कैराना लोकसभा सीट 2014 में बीजेपी के हुकूम सिंह ने जीती थी। उनके निधन के बाद 28 मई को कैराना में उपचुनाव हुआ था, जिसमें बीजेपी के खिलाफ संयुक्त विपक्ष ने चुनाव लड़ा था। 31 मई को घोषित नतीजे में विपक्ष की संयुक्त प्रत्याशी के तौर पर राष्ट्रीय लोक दल की तबस्सुम बेगम ने बीजेपी की मृंगाका सिंह को 44618 वोटों से हरा दिया था।

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इस बारे में मुख्य निर्वाचन अधिकारी एल. वेंकटेशवर लू ने बताया कि वोटों के जोड़ का अंतर 3000 था, लेकिन इससे नतीजे पर कोई फर्क नहीं पड़ा।लेकिन, एक भी वोट का जोड़ गलत होना गंभीर है। इसलिए प्रदेश सरकार को इंदर विक्रम सिंह को चुनाव प्रक्रिया से अलग रखने का निर्देश दिया गया है।

चुनाव आयोग की जांच में करीब 3000 वोटों की गणना में गड़बड़ी मिली थी। इसके अलावा टेबुलेशन के लिए इस्तेमाल होने वाले फार्म 21-ई में हर राउंड के वोटों की प्रत्याशीवार एंट्री में इसमें भी गलतियां सामने आई। रिटर्निंग अफसर के तौर पर इसकी सीधी जिम्मेदारी डीएम की थी।

चुनाव आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इस उपचुनाव में जीत का अंतर काफी अधिक होने के चलते नतीजे पर भले ही कोई असर नहीं पड़ा लेकिन नजदीकी मुकाबले में यह गड़बड़ी अप्रत्याशित हालात पैदा कर सकती थी।

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