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जम्‍मू-कश्‍मीर के कठुआ में आठ साल की बच्‍ची के साथ मंदिर में सामूहिक बलात्कार और हत्या के मामले में सातों अभियुक्तों के खिलाफ आरोप तय कर दिये गए है। आठवां अभियुक्त किशोर होने की वजह से उस पर फिलहाल आरोप तय नहीं हो पाए।

आरोप तय हो जाने से आज से ही पठानकोट सेशंस कोर्ट सातों आरोपियों के खिलाफ नियमित सुनवाई शुरू करेगा. स्पेशल पब्लिक प्रॉसीक्यूटर जेके चोपड़ा के मुताबिक, सेशंस कोर्ट ने 120-बी (आपराधिक साजिश), 302 (हत्या) और 376-डी (सामूहिक बलात्कार) सहित रणबीर दंड संहिता की विभिन्न धराओं के तहत आरोप तय हुए।

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई जम्मू से बाद करने का आदेश पारित करने के बाद सातों अभियुक्तों को जिला और सत्र जज के सामने पेश किया गया। सुप्रीम कोर्ट ने पीडि़त पक्ष की अपील के बाद इस मामले को जम्मू कश्मीर से पंजाब के पठानकोट में स्थानांतरित करने का आदेश दिया था। शीर्ष अदालत ने इस मामले की सुनवाई इन कैमरा और दैनिक आधार पर करने का निर्देश दिया था।

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जेके चोपड़ा ने बताया कि कठुआ में 10 जनवरी को अगवा करने के बाद 8 साल की बच्ची को नशीली दवाएं और भांग खिलाकर कई दिन तक गैंगरेप किए जाने के बाद उसकी हत्या किए जाने को लेकर कठुआ के ही रहने वाले सांझीराम, उसके बेटे विशाल, विशेष पुलिस अधिकारी दीपक खजूरिया उर्फ दीपू, सुरिंदर वर्मा, परवेश कुमार उर्फ मन्नू, हेड कांस्टेबल तिलकराज और उप पुलिस निरीक्षक अरविंद दत्ता के खिलाफ आरोप तय कर दिए गए।

आठवां आरोपी सांझीराम का भतीजा जो किशोर है. चोपड़ा ने कहा कि आरोप तय किए जाने को लेकर उसके बारे में अभी फैसला होना बाकी है. जम्मू कश्मीर पुलिस क्राइम ब्रांच ने उसके वयस्क होने का दावा किया है.

उन्होंने बताया कि साक्ष्य मिटाने तथा रणबीर दंड संहिता की धारा 328 (नुकसान पहुंचाने के इरादे से जहरीली चीज देना) के तहत भी आरोप तय किए गए हैं। दो पुलिसकर्मियों- तिलकराज और अरविंद दत्ता के खिलाफ रणबीर दंड संहिता की धारा 161 (सरकारी कर्मचारी के रिश्वत लेने) के तहत भी आरोप तय किए गए हैं।

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