नई दिल्ली | नोट बंदी के बाद से ही मोदी सरकार डिजिटल लेनदेने को बढ़ावा देने के लिए काफी प्रयास कर रही है. सरकार ने 31 दिसम्बर तक कार्ड पेमेंट पर लगने वाले सरचार्ज को खत्म कर दिया. इसके अलावा डिजिटल लेनदेन करने वालो के लिए इनाम भी घोषित किया. सरकार हर महीने कुछ लोगो को एक हजार रूपए इनाम दे रही है. अब चूँकि बजट आ गया है तो लोगो को उम्मीद थी की सरकार डिजिटल पेमेंट पर कुछ रियायते देने का एलान करेगी.

लेकिन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने केवल रेल टिकेट में थोड़ी रियायत देने का एलान किया. इसके अलावा ऐसी कोई घोषणा उन्होंने नही की जिससे लोगो को डिजिटल पेमेंट की और प्रोत्साहित किया जा सके. अरुण जेटली ने रेलवे टिकेट ऑनलाइन बुक करने पर लगने वाले सर्विस टैक्स को खत्म करने की घोषणा की. सरकार के इस फैसले के बाद ऑनलाइन रेलवे टिकेट थोड़े सस्ते हो जायेंगे.

अभी तक स्लीपर कोच का टिकेट बुक करने में 20 रूपए जबकि एसी कोच का टिकेट बुक करने में 40 रूपए सर्विस टैक्स लगता था. सरकार की घोषणा के बाद यात्रियों को यह शुल्क नही देना पड़ेगा. लेकिन इतनी रियायत मिलने के बाद भी ऑनलाइन टिकेट , खिड़की से मिलने वाले टिकट से महंगा रहेगा. इसके अलावा यात्री को वो सुविधाए भी नही मिलेगी जो खिड़की से टिकेट करने के बाद मिलती है.

मसलन अगर आप लम्बी यात्रा के लिए दो ट्रेन के टिकेट ऑनलाइन बुक करते है तो आपको दो बार ही रिजर्वेशन शुल्क देना पड़ता है. अगर ये टिकेट आप खिड़की से लेंगे तो केवल एक बार रिजर्वेशन शुल्क देना पड़ेगा. इसके अलाव यात्री को टेलीस्कोपिक यात्रा का रियायती लाभ भी नहीं मिलता. इसके अलावा ऑनलाइन टिकेट बुक करने पर बैंक भी 10 रूपए के करीब ट्रांसेक्सन शुल्क यात्रियों से वसूलता है.


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