Wednesday, June 23, 2021

 

 

 

ओडिशा में जगन्नाथ मंदिर की 35000 एकड़ जमीन बेचने की तैयारी में सरकार

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पुरी में विश्व प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ मंदिर (Jagannath Temple) की 35 हजार एकड़ जमीन जल्द ही बिकने की तैयारी में है। दरअसल राज्य सरकार ने जगन्नाथ मंदिर की 35,272.235 एकड़ जमीन की संपत्ति को बेचने के लिए जरूरी कदम उठा रही है। जमीन बेचने का उद्देश्य 12 वीं सदी के मंदिर के 650 करोड़ रुपये के कोष को 2023 तक बढ़ाकर 1,000 करोड़ रुपये करना है। राज्य सरकार ने मंदिर की जमीन पर अतिक्रमण करने वाले लोगों से राशि इकठ्ठा करने का फैसला किया है।

विधानसभा में बीजेपी विधायक मोहन लाल मांझी के एक सवाल के जवाब में कानून और आवास और शहरी विकास मंत्री प्रताप जेना ने कहा है कि पूर्व राज्यपाल बीडी शर्मा की अध्यक्षता में गठित एक कमेटी और जगन्नाथ मंदिर प्रबंधन समिति से स्वीकृति मिलने के बाद राज्य सरकार ने मंदिर की 35,272.235 एकड़ जमीन बेचने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

जेना ने कहा, “हमने अब तक श्री जगन्नाथ मंदिर से संबंधित 60,426.943 एकड़ भूमि की पहचान की है। इसमें से 395.252 एकड़ बंगाल, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में ओडिशा के बाहर स्थित है। भूमि की वसूली और भूमि के रिकॉर्ड को नियमित करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।”

जगन्नाथ मंदिर की अधिकतम 322.930 एकड़ जमीन पश्चिम बंगाल में, 28.218 एकड़ महाराष्ट्र में, 25.110 एकड़ मध्य प्रदेश में, 17.020 एकड़ आंध्र प्रदेश में, 1.700 एकड़ छत्तीसगढ़ में और 0.274 एकड़ जमीन बिहार में फैली हुई है।

जानकारी के अनुसार, जिन लोगों ने 30 सालों से ज्यादा समय तक मंदिर की जमीन पर कब्जा किया है, उन्हें प्रति एकड़ 6 लाख रुपये देने होंगे, वहीं जिन लोगों ने 30 साल से कम और 20 सालों से ज्यादा समय तक कब्जा किया है, उन्हें प्रति एकड़ 9 लाख रुपयों का भुगतान करना होगा। इसके अलावा, जिन लोगों ने 20 सालों से कम लेकिन 12 सालों से ज्यादा समय तक मंदिर की जमीन पर कब्जा बनाए रखा है, उन्हें प्रति एकड़ 15 लाख रुपये का भुगतान करना होगा।

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