वाराणसी में गुरुवार को शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद ने योगगुरु बाबा रामदेव द्वारा नोटबंदी का समर्थन किये जाने की आलोचना करते हुए कहा कि जो पुलिस के डर से औरतों के कपड़े पहनकर भागे वो कौन सा ऋषि है, ऐसा व्‍यक्‍ति ऋषि और सन्यासी नहीं हो सकता. उन्होंने रामदेव को सन्यासी कहने पर कड़ी नाराज़गी भी जताई.

उन्होंने कहा, ‘जो पुलिस के डर से औरतों के कपड़े पहनकर भागे वो कौन सा ऋषि है, कोई हमें बताए. ऐसे व्‍यक्‍ति ऋषि नहीं हो सकता. वो सन्यासी के रूप में व्यवहार करते हैं और लाल कपड़े पहनकर बिजनेस कर रहे हैं. उन्‍होंने कौन सा त्याग किया है.’ यही नहीं, स्‍वरूपानंद ने कहा कि श्रीश्री रविशंकर भी ऋषि नहीं हैं.

वहीँ सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह के बारे में शंकराचार्य ने कहा कि उन्होंने भी कई पार्टियां खायी हैं, उन्‍होंने मुसलमानों को भड़काकर बेवकूफ बनाया। बाबरी मस्जिद का एक ईंट भी मुलायम नहीं रखवा पाए. आज बेटे से लड़ाई की नौबत आ गई है.

पीएम मोदी के नोटबंदी के फैसले पर बोलते हुए स्वामी स्वरूपानंद ने कहा कि नरेंद्र मोदी ने गोमांस निर्यात पर प्रतिबंध क्यों नहीं लगा दिया. आज देश कैशलेश से बर्बाद हो रहा है. देश आज आपत्तिकाल दौर से गुजर रहा है. जहां 100 से अधिक लोगों की लाइन में लगने से मौत हो गई.


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