shankracharyaशंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती नोटबंदी के 50 दिन पुरे होने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर बुरी तरह से भड़क गए. उन्होंने नोटबंदी को पूरी तरह से फ़ैल बताते हुए कहा कि नोटबंदी के फैसले से न तो नकली नोट खत्म हुए और न ही आतंकवाद खत्म हुआ.

उन्होंने आगे कहा कि शासन का कार्य जनता को अभयदान देकर उनके संकटो से मुक्त कराना है. प्रधानमंत्री मोदी बेईमानो को नही बक्शा जायेगा कहकर सभी को भयभीत कर रहे है. शासन की वर्तमान प्रणाली में ऐसा कोई वर्ग नही जो ईमानदारी से अपना जीवन निर्वहन कर सके. वर्तमान में निर्वाचन हो रहे है सभी में रूपयों की अहम भूमिका है निर्वाचन आयोग ने खर्च की जो सीमा तय की है वही सिर्फ कागजों में ही दिखाई देती है, ग्राम के सरपंच चुनाव में भी कई लाख रूपय भी खर्च करने पड़ते हैं. विगत निर्वाचन के समय मोदी के विरूद्ध ना कोई अखबार और ना ही इलेक्ट्रानिक मीडिया ने कुछ बोला. क्या यह सब बिना पैसे के हो रहा था, इसलिए आज वही ईमानदार है जो पकडा नही गया है.

शंकराचार्य ने कहा कि ईमान की होली तो तभी खत्म हो गई थी जब पीएम मोदी ने 500 और 1000 रुपए का नोट को बंद कर दिया था. जिसमें यह लिखा रहता है कि यह रुपया देने पर हम वचनबद्ध है. हाल ही में अभी अध्यादेश भी निकाला गया है जिसमें पुराने नोट मिलने पर चार साल की कैद हो जाए. मैं यह पूछना चाहता हूं कि क्या कागज रखने से किसी को जैल हो सकती है.

उन्होंने कहा, जनता अपनी गाढे पसीने की कमाई को सुरक्षित रखने बैंको का उपयोग करती है जबकि मोदी मनमाने ढंग से मुद्रा जमा करवा रहे है. किसी भी लोकतंत्र की पहली शर्त है कि जनता नापसंद सरकार को हटाने में सक्षम हो. जनता की यही क्षमता छीनकर मोदी सबको बेईमान बताकर जनता का क्रूर उपहास कर रहे है क्योंकि उनकी सत्ता परिवर्तन की आर्थिक शक्ति छीन चुकी है जिन इलेक्ट्रानिक उपकरणों से अर्थव्यवहार किया जायेगा वे इतने दोषपूर्ण है कि छोटी सी गलती भी पैसे को कहीं भी ट्रांस्फर कर देगी. आपके पासवर्ड लीक होने से भी समस्या हो जायेगी गोपनीयता नही रह पायेगी.

कैशलेस व्यवस्था में अनेक समस्याएं है नोटबंदी के विषय पर लोकसभा राष्ट्रपति और सुप्रीम कोर्ट से भी जनता को कोई मद्द नही मिली है जनता बेसहारा जैसा अनुभव कर रही है. उन्होंने आगे कहा, घोषणापत्र में आपके मुद्दे को पूरा करने के लिए पांच वर्ष के लिए आपको जनता ने निर्वाचित किया है. उनकी पूर्ति ना करते हुए आप जनता का ध्यान अन्य चीजों पर भटकाते है. अनर्गल कुछ भी करते है तो आप लोकतंत्र के प्रति ईमानदार नही कहला सकते. यह भी यह भ्रष्ट्राचार है चौकीदार घर से बाहर रहते हुए घर की सुरक्षा करता है लेकिन आप तो घर में घुसकर मालिक को बेदखल करने का कार्य कर रहे है. लोकतंत्र पर आज खतरे का बादल मंडरा रहा है. जिस तरह रूलिंग पार्टी विपक्ष को पाकिस्तान जैसा शत्रु कह रही है इसका मतलब वे विपक्ष नाम कि चीज को बर्दाश्त नही कर रही है. सत्तारूढ पार्टी असहिष्णुता अब चिंता का विषय है.


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