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गुजरात में साल 2002 में हुए दंगों के मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य लोगों को मिली क्लीन चिट को जकिया जाफरी ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। सोमवार (19 नवंबर) को सुप्रीम कोर्ट इस पर सुनवाई करेगा।

गुजरात हाइकोर्ट ने एक साल पहले जाफरी की याचिका को खारिज कर दिया था जिसमें उन्होंने 2002 में हुए दंगों के संबंध में तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य को विशेष जांच दल द्वारा दी गई क्लीन चिट को बरकरार रखने के निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी थी। अदालत ने साफ कर दिया था कि गुजरात दंगों की दोबारा जांच नहीं होगी।

याचिका में कहा गया था कि गुजरात दंगों को आपराधिक साजिश मानते हुए 59 लोगों को फिर से आरोपी बनाकर नए सिरे से जांच के आदेश दिए जाएं। बता दें कि निचली अदालत ने एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर 56 आरोपियों को क्लीन चिट दे दी थी।

बता दें कि दंगों के वक्त मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, जबकि जकिया कांग्रेस सांसद एहसान जाफरी की विधवा हैं। दंगों के दौरान एहसान की हत्या कर दी गई थी। मार्च 2008 में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त एसआईटी द्वारा जाफरी के आरोपों की जांच की गई। एसआईटी ने तत्कालीन गुजरात के मुख्यमंत्री पीएम मोदी से 2010 में 9 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की थी। बाद में आरोपों में तत्कालीन मुख्यमंत्री को क्लीन चिट मिल गई थी।

पीएम मोदी और 59 अन्य लोगों को क्लीच चिट देने के बाद एसआईटी ने यह कहते हुए कि इन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए पुख्ता सबूत नहीं हैं जांच बंद कर दी थी।

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